रांची: मरीज के परिजनों से मारपीट पड़ी भारी, ट्यूलिप हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द; सिविल सर्जन ने किया सील, जानिये क्या है पूरा मामला
Ranchi: Assaulting a patient's relatives proves costly; Tulip Hospital's license cancelled and premises sealed by the Civil Surgeon—here are the details of the case.
रांची। राजधानी रांची के एक बड़े हॉस्पीटल पर बड़ी कार्रवाई हुई है। गंभीर शिकायत के बाद हॉस्पीटल का लाईसेंस रद्द कर दिया गया है। रांची के रिंग रोड स्थित ट्यूलिप हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मरीज के परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच हुई मारपीट के मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। लाइसेंस रद्द होने के बाद रांची सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद अस्पताल को सील करने की कार्रवाई कर रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर पहुंची जांच टीम
मारपीट का मामला सामने आने के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की जांच कमेटी ट्यूलिप हॉस्पिटल पहुंची और पूरे मामले की जांच की।जांच के बाद अस्पताल को मामले में दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद सिविल सर्जन की टीम अस्पताल को सील करने पहुंची।
अस्पताल में हुई थी मरीज के परिजनों और कर्मचारियों में मारपीट
ट्यूलिप हॉस्पिटल में बीते दिनों मरीज के परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच विवाद के बाद मारपीट हो गई थी। घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर रुख अपनाया और मामले की जांच शुरू कराई।स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद जांच कमेटी को पूरे मामले की रिपोर्ट तय समय सीमा में सौंपने को कहा गया था।
मंत्री बोले- कानून से ऊपर कोई नहीं
कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया कि निजी अस्पताल चाहे किसी बड़े नेता, कारोबारी, पूंजीपति या प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हो, कानून से ऊपर नहीं है।
मंत्री ने कहा कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जुर्माने से लेकर अस्पताल को सील करने तक की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके लिए जनता सर्वोपरि है।









