सुदिव्य सोनू के लंस में चली गयी थी उल्टी, हार्ट अटैक, उल्टी, सीपीआर अस्पताल में क्या-क्या हुआ, 10 मिनट की पूरी कहानी डाक्टरों ने बतायी, देखिये पूरा VIDEO
मर्सी अस्पताल के डॉक्टर शाहजाद शेख ने बताया कि सुदिव्य कुमार सोनू करीब दो घंटे सीने में दर्द के बाद अस्पताल पहुंचे थे। ECG में हार्ट अटैक के संकेत मिले और 10-15 मिनट बाद उनकी हालत बिगड़ गई।

गिरिडीह: झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन के बाद गिरिडीह के मर्सी अस्पताल के डॉक्टर ने उनकी हालत और इलाज के दौरान हुए घटनाक्रम की जानकारी दी है। मर्सी अस्पताल के डॉक्टर शाहजाद शेख के मुताबिक, सुदिव्य कुमार सोनू को अस्पताल लाए जाने तक वह करीब दो घंटे से सीने में दर्द की शिकायत से परेशान थे।
डॉक्टर ने बताया कि सुदिव्य कुमार सोनू को रात करीब 2:15 बजे अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने के समय उनकी स्थिति बेहद गंभीर थी। डॉक्टर के मुताबिक, उन्हें एस्पिरेशन की समस्या भी हो गई थी, यानी उल्टी का कुछ हिस्सा फेफड़ों में चला गया था।
VIDEO | Giridh: On the demise of Jharkhand Minister Sudivya Kumar Sonu, Dr Shahzad Shaikh of Mercy Hospital, says, “The patient, Sudivya Kumar Sonu, came to us at around 2:15. He had been experiencing chest pain for approximately two hours. By the time he arrived, he had already… pic.twitter.com/nVne4zAkYF
— Press Trust of India (@PTI_News) September 6, 2026
तत्काल इंट्यूबेशन कर सुरक्षित किया गया एयरवे
डॉक्टर शाहजाद शेख के अनुसार, अस्पताल पहुंचते ही उनकी सांस की नली को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल इंट्यूबेशन किया गया। इसके बाद ECG किया गया, जिसमें हार्ट अटैक के संकेत दिखाई दिए।डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल जरूरी चिकित्सा प्रक्रिया शुरू की।
10-15 मिनट बाद बिगड़ी हालत
डॉक्टर ने बताया कि इलाज शुरू होने के करीब 10 से 15 मिनट बाद सुदिव्य कुमार सोनू की हालत अचानक और बिगड़ गई और उनका हृदय रुक गया। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने तुरंत CPR शुरू किया।
डॉक्टर के मुताबिक, मरीज को बचाने के लिए सभी जरूरी रिससिटेशन (पुनर्जीवन) प्रक्रियाएं की गईं। मेडिकल टीम ने पूरी कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद सुदिव्य कुमार सोनू को बचाया नहीं जा सका।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हालत थी बेहद गंभीर
डॉक्टर के बयान से साफ है कि अस्पताल पहुंचने के समय मंत्री की स्थिति पहले से ही काफी गंभीर थी। करीब दो घंटे से सीने में दर्द और इसके बाद एस्पिरेशन की समस्या ने उनकी हालत को और जटिल बना दिया था। ECG में हार्ट अटैक के संकेत मिलने के बाद इलाज शुरू किया गया, लेकिन कुछ ही मिनटों में उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई।
झारखंड की राजनीति में शोक
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर सामने आते ही झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में उनके समर्थक मर्सी अस्पताल पहुंचे।
सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे और झारखंड सरकार में मंत्री के तौर पर महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके आकस्मिक निधन को झामुमो और झारखंड की राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।









