सोशल मीडिया पर देखी एक रील, फिर पन्ना में लिया खदान का पट्टा; 6 महीने बाद जमीन ने उगल दिए एक-दो नहीं, 4 चमचमाते हीरे
झांसी के दंपती ने रील देखकर शुरू की थी किस्मत आजमाने की कोशिश, खदान से एक साथ मिले 5.16 कैरेट के चार हीरे; अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये

पन्ना। सोशल मीडिया पर कभी-कभी दिखाई देने वाली छोटी सी वीडियो जिंदगी बदलने वाली साबित हो सकती है। मध्य प्रदेश के पन्ना में कुछ ऐसा ही हुआ है, जहां सोशल मीडिया की एक रील देखकर उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के रहने वाले दंपती ने हीरा खदान का पट्टा लिया और करीब छह महीने बाद उनकी किस्मत चमक उठी। खदान में खुदाई के दौरान दंपती को एक साथ चार हीरे मिले हैं। इन चारों हीरों का कुल वजन 5.16 कैरेट बताया जा रहा है और इनकी अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये आंकी गई है।
हीरे मिलने के बाद दंपती ने उन्हें पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। अब इन बेशकीमती हीरों की नीलामी का इंतजार है। नीलामी में मिलने वाली रकम सरकारी नियमों के मुताबिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित हितधारकों को प्राप्त होगी।
एक रील देखी और पन्ना में आजमाई किस्मत
झांसी जिले के निवासी राजकुमार श्रीवास और उनकी पत्नी गुड्डी देवी ने करीब छह महीने पहले पन्ना में हीरा खदान का पट्टा लिया था। बताया गया कि उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर पन्ना की खदान से हीरा मिलने से जुड़ी एक रील देखी थी। रील देखने के बाद उनके मन में भी पन्ना आकर हीरा खनन में किस्मत आजमाने का विचार आया।
इसके बाद दंपती ने खदान का पट्टा लिया और खुदाई शुरू कर दी। हालांकि उस वक्त शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं रहा होगा कि जिस वीडियो ने उन्हें पन्ना तक पहुंचाया, वही फैसला कुछ समय बाद उनके लिए इतनी बड़ी खुशखबरी लेकर आएगा।
खदान से निकले एक साथ चार हीरे
खुदाई के दौरान दंपती को एक साथ चार हीरे मिले। इनका कुल वजन 5.16 कैरेट बताया गया है। चारों हीरों को सुरक्षित तरीके से हीरा कार्यालय में जमा कराया गया है।
हीरों के पारखी अनुपम सिंह के अनुसार, इनमें दो हीरे उज्जवल और दो मटमैले किस्म के हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है। हालांकि वास्तविक कीमत नीलामी के दौरान मिलने वाली बोली से तय होगी।
अब नीलामी में तय होगी असली कीमत
हीरा कार्यालय में वर्तमान में कुल 168 हीरे जमा हैं। इन सभी हीरों का कुल वजन 374 कैरेट 38 सेंट बताया गया है। इन हीरों की नीलामी अक्टूबर के अंत तक या नवंबर में होने की संभावना है।
पन्ना में पिछले करीब दो वर्षों से हीरों की नीलामी नहीं हुई है। ऐसे में आगामी नीलामी को लेकर हीरा कारोबार से जुड़े लोगों और खदान संचालकों की भी नजर बनी हुई है।
बच्चों की पढ़ाई और कारोबार बढ़ाने में लगाएंगे रकम
चार हीरे मिलने के बाद गुड्डी देवी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि नीलामी से मिलने वाली राशि का उपयोग बच्चों की अच्छी शिक्षा और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में करेंगी।
एक रील देखकर पन्ना की खदान में किस्मत आजमाने पहुंचे इस दंपती के लिए छह महीने का इंतजार आखिरकार रंग ले आया। जिस जमीन से उन्हें शुरुआत में सिर्फ उम्मीद थी, उसी खदान ने एक साथ चार हीरे निकालकर उनकी किस्मत बदलने का मौका दे दिया।









