शिक्षक ब्रेकिंग: नौकरी में रहने के लिए अब शिक्षकों को TET पास करना जरूरी, सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- ऐसा न करने पर इस्तीफा दें या रिटायरमेंट लें, मचा हड़कंप
Teacher Breaking: Now teachers must pass TET to remain in the job, Supreme Court directs - if they do not do so, resign or take retirement, uproar ensues

Teacher News : शिक्षकों से जुड़ी एक खबर ने हड़कंप मचा दिया है। देश भर के शिक्षक अपने भविष्य को लेकर आशंकित हैं। दरअसल TET मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी 1 सितंबर को निर्देश दिया है कि अब टीचिंग सर्विस से जुड़े सभी शिक्षकों को अपनी सर्विस में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET पास करना जरूरी होगा।
जस्टिस दीपांकर दत्तान और जस्टिस ऑगस्टी्न जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा-कोर्ट ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम की सर्वोच्चता स्थापित करते हुए किसी भी प्रकार की पद प्रोन्नति में TET को अनिवार्य कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ये निर्देश माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशंस पर लागू होगा या नहीं, इसका फैसला बड़ी बेंच करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु और महाराष्ट्र में टीचिंग के लिए TET की अनिवार्यता से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया है।
यह मामला देश के कई राज्यों में शिक्षकों की प्राथमिक स्तर ( 1 से 5 ) से उच्च प्राथमिक स्तर (6 से 8) और उच्च प्राथमिक स्तर से प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति से संबंधित है। इसमें झारखंड से झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ भी प्रार्थी के रूप में शामिल रहा। दरअसल पूरे देश सहित झारखंड राज्य के TET उत्तीर्ण योग्यताधारी शिक्षक देश में RTE अधिनियम को पूरी तरह से लागू करने की मांग कर रहे थे।
इसके लिए NCTE द्वारा पूर्व में भी सभी प्रोन्नति में TET अनिवार्य करने की अधिसूचना जारी की गई है, जिसको राज्य सरकार द्वारा अनदेखा कर बिना TET उत्तीर्ण शिक्षकों को ग्रेड 4 में प्रोन्नति दी जा रही थी। इस वजह से सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सभी प्रोन्नति में TET अनिवार्य करने के साथ ही RTE अधिनियम से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को भी प्रोन्नति पाने हेतु दो वर्ष के भीतर TET उत्तीर्ण कर लेने की समय सीमा निर्धारित कर दी है।
जिन शिक्षकों की सेवा 5 वर्ष से कम बची है, उन्हें TET उत्तीर्ण करने की बाध्यता नहीं होगी, लेकिन वे प्रोन्नति के हकदार नहीं होंगे। इस आदेश के आने के बाद अब राज्य में ग्रेड 4 और ग्रेड 7 प्रधानाध्यापक की प्रोन्नति का मार्ग प्रशस्त हो गया है और केवल TET उत्तीर्ण शिक्षकों को ही प्रोन्नति मिलेगी। इस मामले के साथ अल्पसंख्यक विद्यालयों की शिक्षक नियुक्ति के TET की अनिवार्यता पर भी सुनवाई हुई जिसे आगे सुनवाई के लिए बड़ी बेंच को सुपुर्द कर दिया गया।







