Nepal Flash Flood: कुछ ही घंटों में मलबे का समंदर बन गया नेपाल! सड़कें-घर सब बह गए, 1500+ लोग लापता… तस्वीरों में देखें तबाही का खौफनाक मंजर

काठमांडू। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े इलाके में तबाही मचा दी है। बर्फ, चट्टानों और मलबे के तेज बहाव ने नदी के आसपास के क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया। सड़कों, घरों और जरूरी बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

आपदा के बाद सामने आई तस्वीरें तबाही की भयावहता बयां कर रही हैं। कई जगहों पर मलबा जमा है, सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

आखिर कहां से आया इतना खतरनाक सैलाब?

प्रारंभिक सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक लेंडे नदी में बर्फ और चट्टानों के खिसकने के बाद मलबे से भरी बाढ़ आई। तेज रफ्तार से आगे बढ़े इस सैलाब ने नदी के आसपास के बड़े क्षेत्र को प्रभावित किया।

बाढ़ और मलबे के जबरदस्त बहाव से नेपाल की करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में संपर्क और आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

तिब्बत में भी सैलाब ने छोड़े तबाही के निशान

नेपाल के साथ-साथ चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी बाढ़ का असर दिखाई दिया है। गिरोंग काउंटी में बाढ़ से गिरोंग बंदरगाह प्रभावित हुआ। सामने आई ड्रोन तस्वीरों में कई इमारतें मलबे में दबी नजर आ रही हैं।

वहीं शिगात्से क्षेत्र में बाढ़ से सड़कें, संचार व्यवस्था और बिजली की लाइनें प्रभावित हुई हैं। इससे राहत और बचाव अभियान को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

समय रहते क्यों नहीं मिल पाई चेतावनी?

नेपाल के जल एवं मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक इतनी बड़ी तबाही की आशंका को लेकर पहले से पर्याप्त जानकारी नहीं मिल सकी थी। नेपाल और चीन के बीच मौसम संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था होने के बावजूद इस घटना से पहले ऐसी कोई चेतावनी सामने नहीं आई।

हालांकि नेपाल में स्थित चीनी दूतावास ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों का खंडन किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि चीन ने नेपाल को हादसे की पूर्व चेतावनी नहीं दी थी और इसी वजह से इतनी बड़ी तबाही हुई।

1500 से ज्यादा लोग लापता, भारतीयों की भी बड़ी संख्या

इस भीषण आपदा के बाद 1500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें करीब 288 भारतीय नागरिक भी बताए जा रहे हैं।

लापता भारतीयों में बड़ी संख्या कैलाश-मानसरोवर यात्रियों की होने की जानकारी है। इससे भारत में भी उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है और लोग अपनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

नेपाल की बाढ़ से भारत में भी बढ़ा खतरा

नेपाल में आई बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ने की आशंका है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।

संभावित स्थिति से निपटने के लिए भारत में NDRF की 20 टीमें तैनात की गई हैं। प्रभावित और संवेदनशील इलाकों पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

केदारनाथ त्रासदी की याद हुई ताजा

नेपाल में आई इस भयावह आपदा ने 2013 की केदारनाथ त्रासदी की यादें ताजा कर दी हैं। उस समय उत्तराखंड की केदारनाथ घाटी में आई विनाशकारी बाढ़ और मलबे के सैलाब ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी।

नेपाल में इस बार आई फ्लैश फ्लड ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में बर्फ, ग्लेशियर, भारी बारिश और अचानक आने वाली बाढ़ के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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