रोड एक्सीडेंट में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर मिलेगा 25000 रुपया, केंद्र सरकार ने किया ऐलान, घायल के इलाज का खर्च उठायेगी सरकार
25,000 rupees will be given for transporting the injured in a road accident to the hospital, the central government has announced, the government will bear the cost of the injured's treatment.

नई दिल्ली। देश में बढ़ते सड़क हादसों और समय पर इलाज नहीं मिलने से होने वाली मौतों को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ‘राह-वीर योजना’ को लेकर अहम घोषणा करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद कर उसे अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को सरकार की ओर से 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य लोगों को घायल व्यक्तियों की मदद के लिए प्रोत्साहित करना और सड़क हादसों में जान बचाना है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अक्सर लोग कानूनी झंझट या पुलिस कार्रवाई के डर से सड़क हादसे में घायल लोगों की मदद नहीं करते। ऐसे में कई लोगों की समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मौत हो जाती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘राह-वीर योजना’ शुरू की है।
घायल के इलाज का खर्च भी उठाएगी सरकार
गडकरी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल होता है, तो उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। सरकार घायल के इलाज के लिए अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की सहायता देगी। यह राशि अस्पताल को सीधे उपलब्ध कराई जाएगी ताकि इलाज में कोई देरी न हो। योजना के तहत शुरुआती सात से आठ दिनों तक का पूरा उपचार खर्च सरकार वहन करेगी।
उन्होंने बताया कि भारत में हर साल करीब 1.5 लाख लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की होती है जिन्हें समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। सरकार की कोशिश है कि “गोल्डन ऑवर” के दौरान घायल को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिले और अधिक से अधिक जानें बचाई जा सकें।
ब्लैक स्पॉट खत्म करने पर 40 हजार करोड़ खर्च
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। सड़क दुर्घटनाओं के ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी National Highways Authority of India ने अब तक करीब 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इन ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां सड़क डिजाइन, सिग्नल, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपायों में सुधार किया गया है।
दिल्ली-देहरादून और नोएडा-फरीदाबाद को लेकर भी बड़ी घोषणा
निरीक्षण के दौरान गडकरी ने कई बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली-चंडीगढ़ रोड के अंतिम हिस्से और यूआर-2 यानी दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर के शुरुआती हिस्से को जोड़ने वाले 17 किलोमीटर लंबे मार्ग को मंजूरी मिल गई है। यह सड़क ट्रॉनिका सिटी तक जाएगी और इस परियोजना पर करीब 3 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा नोएडा और फरीदाबाद के बीच 65 किलोमीटर लंबा नया सड़क मार्ग भी बनाया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 7 हजार करोड़ रुपये होगी। यह सड़क लोनी, बागपत, दिल्ली और फरीदाबाद के ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद करेगी। मंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य इसी वर्ष दिसंबर से शुरू किए जाने की योजना है।









