झारखंड- स्कूलों में मध्याह्न भोजन हो जायेगा बंद, जानिये क्यों नाराज हैं रसोईया, स्कूलों में नयी व्यवस्था करनी होगी तैयारी, ये है पूरा मामला…
Jharkhand: Midday meals will be discontinued in schools. Find out why cooks are upset. New arrangements will have to be made in schools. This is the whole story.

School MidDay Meal: 4 दिसंबर से स्कूलों में मध्याह्न भोजन बंद करने का ऐलान किया गयाहै। झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका संघ ने लंबित मांगों को तेवर तीखे कर दिये हैं। 4 दिसंबर 2025 से गुमला जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। संघ की घाघरा प्रखंड स्तरीय बैठक में आंदोलन को सफल बनाने की रूपरेखा तय की गई।
घाघरा प्रखंड मुख्यालय स्थित मध्य विद्यालय परिसर में आयोजित प्रखंड स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 4 दिसंबर 2025 से गुमला जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई और सभी संयोजिकाओं ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया। संघ की जिला अध्यक्ष सह प्रदेश उपाध्यक्ष देवकी देवी ने बैठक की अध्यक्षता की, जबकि संचालन प्रखंड अध्यक्ष संध्या देवी ने किया।
आर्थिक व सामाजिक अन्याय के खिलाफ आंदोलन
बैठक को संबोधित करते हुए देवकी देवी ने कहा कि झारखंड की विद्यालय रसोइया संयोजिकाओं के साथ लंबे समय से आर्थिक और सामाजिक अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा —“हम वर्षों से सरकार से न्यूनतम वेतन लागू करने, मानदेय को सम्मानजनक वेतन में बदलने, 10 माह की जगह 12 माह का भुगतान करने, और 5 लाख रुपये की नि:शुल्क बीमा योजना लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक किसी स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाया गया है।”उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 4 दिसंबर तक प्रशासन उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं करता, तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।
4 दिसंबर को बंद रहेंगे सभी स्कूलों के मिड-डे मील
देवकी देवी ने घोषणा की कि 4 दिसंबर को घाघरा प्रखंड के सभी स्कूलों में मिड-डे मील (MDM) पूरी तरह बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों के भोजन या शिक्षा में कोई बाधा उत्पन्न होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।संघ का कहना है कि बार-बार ज्ञापन और मांग पत्र देने के बावजूद सरकार ने उनकी समस्याओं को अनदेखा किया है। अब वे आंदोलन को आखिरी हथियार के रूप में इस्तेमाल करेंगे।
एकजुटता का संकल्प, मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
बैठक में सारो किंडो, विजयलक्ष्मी देवी, बेचनी देवी, सुसनती देवी, सुरजमुनी देवी और भादो देवी सहित बड़ी संख्या में विद्यालय रसोइया संयोजिकाएं मौजूद थीं। सभी ने अपनी-अपनी राय रखते हुए कहा कि अब “आधा-अधूरा वादा” नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।संघ ने तय किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रसोइया संयोजिकाओं ने कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें “मानदेय” नहीं, बल्कि सम्मानजनक वेतन और सुरक्षा चाहिए।









