शिक्षक भर्ती पेपर लीक: हजारीबाग के होटल में रटवाये गये थे शिक्षक भर्ती के प्रश्न पत्र, बीपीएससी पेपर लीक का शातिर डब्ल्यू मुखिया गिरफ्तार, जानिये क्या था इसका काम…

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बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा 3.0 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवीण कुमार सिन्हा उर्फ डब्लू मुखिया को गिरफ्तार किया है। वह सरगना संजीव मुखिया गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।
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BPSC Paper Leak : बीपीएससी शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच टीम ने गिरोह में शामिल डब्ल्यू मुखिया को गिरफ्तार किया है। पूरा मामला BPSC 3.0 से जुड़ा है। दरअसर परीक्षा के दौरान पेपर लीक का खुलासा हुआ था, जिसकी पटना में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की विशेष टीम कर रही है। जांच टीम ने प्रवीण कुमार सिन्हा उर्फ डब्लू मुखिया को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी करबिगहिया इलाके से की गई, जहां वह लंबे समय से छिपकर रह रहा था।

डब्लू मुखिया इस पूरे पेपर लीक कांड के मुख्य सरगना संजीव मुखिया के गिरोह का सक्रिय सदस्य है। वह मूल रूप से लखीसराय जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोनिपार गांव का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब दस वर्षों से इस गिरोह के साथ जुड़कर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक कराने की साजिशों में शामिल रहा है।

293 आरोपियों पर पहले ही चार्जशीट
इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक इस कांड में संजीव मुखिया समेत कुल 293 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया जा चुका है। इसके बावजूद कई आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

EOU अधिकारियों का कहना है कि डब्लू मुखिया की गिरफ्तारी से इस नेटवर्क के कई और अहम राज खुलने की संभावना है। उससे पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

हजारीबाग होटल में रटवाए गए थे प्रश्न-पत्र
पूछताछ में डब्लू मुखिया ने खुलासा किया है कि वर्ष 2024 में आयोजित बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3.0) का प्रश्न-पत्र लीक किया गया था। इस लीक को अंजाम देने में संजीव मुखिया गिरोह की मुख्य भूमिका थी।डब्लू ने बताया कि परीक्षा से पहले ही प्रश्न-पत्र को लीक कर झारखंड के हजारीबाग स्थित कोहिनूर होटल में अभ्यर्थियों को रटवाने की योजना बनाई गई थी।

इस योजना के तहत वह खुद पांच-छह स्कॉर्पियो गाड़ियों में करीब 30 अभ्यर्थियों को लेकर हजारीबाग पहुंचा था।होटल में परीक्षा से एक दिन पहले अभ्यर्थियों को प्रश्न-पत्र याद कराया जा रहा था, ताकि वे परीक्षा में अच्छे अंक हासिल कर सकें। लेकिन इसी दौरान पुलिस को इस पूरे षड्यंत्र की भनक लग गई और होटल में छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान फरार हुआ आरोपी
पुलिस की छापेमारी के दौरान अफरा-तफरी मच गई। डब्लू मुखिया मौके का फायदा उठाकर वहां से भाग निकला और वापस लखीसराय पहुंच गया। इसके बाद वह गिरफ्तारी के डर से लगातार ठिकाने बदलकर छिपता रहा।हालांकि, EOU को उसकी लोकेशन के बारे में गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर विशेष टीम ने करबिगहिया में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

संगठित नेटवर्क का खुलासा
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध नेटवर्क है, जो वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक कर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलता रहा है। इस गिरोह में कई राज्यों के लोग शामिल हैं और इसकी जड़ें काफी गहरी हैं।EOU अधिकारियों के मुताबिक, डब्लू मुखिया जैसे सदस्य इस नेटवर्क में लॉजिस्टिक सपोर्ट का काम करते थे—जैसे अभ्यर्थियों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना, ठहराने की व्यवस्था करना और उन्हें प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराना।

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