झारखंड में किस VVIP-VIP के पास कितने बॉडीगार्ड? पुलिस मुख्यालय ने सभी SSP-SP से रिपोर्ट की तलब, 24 घंटे के भीतर देनी होगी जानकारी…

How many bodyguards does each VVIP or VIP have in Jharkhand? Police Headquarters has summoned reports from all SSPs and SPs, requiring them to submit information within 24 hours...

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों से वीआईपी और अन्य लोगों को दिए गए बॉडीगार्ड्स की डिटेल जानकारी 24 घंटे के भीतर मांगी है। माना जा रहा है कि जानकारी मिलने के बाद जल्द ही पुलिस मुख्यालय की तरफ से सुरक्षा को लेकर समीक्षा की जायेगी, जिसके बाद तय होगा कि कितने कितनी सुरक्षा मिलनी चाहिये और कितनी नहीं।
________________________________________
रांची: झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला होने वाला है। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र जारी कर बॉडीगार्ड्स (अंगरक्षक) से संबंधित विस्तृत जानकारी 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस निर्देश के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।

पीएचक्यू द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राज्य में किन-किन विशिष्ट (VIP), अति विशिष्ट (VVIP) और अन्य व्यक्तियों को कितने बॉडीगार्ड उपलब्ध कराए गए हैं, इसकी पूरी सूची तैयार कर तत्काल भेजी जाए। इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि इन अंगरक्षकों की तैनाती कब से है, उनके पास किस प्रकार के हथियार हैं और किसके अनुशंसा पर उन्हें सुरक्षा प्रदान की गई है।

जिलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे प्रत्येक व्यक्ति का नाम, उनके साथ तैनात बॉडीगार्ड्स की संख्या, तैनाती की तारीख और सुरक्षा का आधार स्पष्ट रूप से दर्ज करें। इतना ही नहीं, पुलिस मुख्यालय ने यह भी कहा है कि जिन व्यक्तियों को सुरक्षा दी गई है, उन्हें उपलब्ध कराए गए हथियारों का पूरा विवरण भी सूची में शामिल किया जाए।

सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में बॉडीगार्ड्स को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। कुछ मामलों में यह सवाल उठे हैं कि क्या सुरक्षा वास्तव में जरूरतमंद लोगों को मिल रही है या प्रभाव और सिफारिश के आधार पर बांटी जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में पुलिस मुख्यालय ने यह कदम उठाया है, ताकि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

बताया जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय एक व्यापक समीक्षा करेगा। समीक्षा के बाद जिन लोगों को सुरक्षा की वास्तविक आवश्यकता नहीं होगी, उनके बॉडीगार्ड हटाए जा सकते हैं। वहीं जिन मामलों में खतरे का स्तर अधिक पाया जाएगा, वहां सुरक्षा बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।

Related Articles