बिहार MLC चुनाव: टिकट मिलने के बाद BJP दफ्तर पहुंचे पवन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष के छुए पैर; बोले- ‘पार्टी मेरी मां, आजीवन सेवक रहूंगा’
Bihar MLC Election: Pawan Singh reached the BJP office after receiving the ticket, touched the feet of the state president and said, "The party is my mother, I will be its servant for life."

पटना: बिहार विधान परिषद (MLC) की 9 सीटों पर होने वाले चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नामांकन की आखिरी तारीख 11 जून है, जिससे ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार (5 जून) को अपने 4 उम्मीदवारों की सूची जारी की। इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला और बड़ा नाम भोजपुरी के ‘पावरस्टार’ पवन सिंह का रहा।
बीजेपी की ओर से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद आज (शनिवार) पवन सिंह पटना स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया।
कार्यकर्ताओं ने किया गर्मजोशी से स्वागत
पवन सिंह के बीजेपी दफ्तर पहुंचने से पहले ही पोर्टिको में बीजेपी नेता संतोष सिंह समेत भारी संख्या में नेता और कार्यकर्ता उनके इंतजार में खड़े थे। जैसे ही पवन सिंह अपनी गाड़ी से उतरे, कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। पवन सिंह ने भी हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया और सीधे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के कमरे की ओर बढ़ गए।
प्रदेश अध्यक्ष ने लगाया गले, दफ्तर में दिखा खुशनुमा माहौल
कमरे में प्रवेश करते ही पवन सिंह ने सबसे पहले आदर भाव से प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के पैर छूकर आशीर्वाद लेने की कोशिश की। हालांकि, सरावगी ने उन्हें बीच में ही रोक लिया और मुस्कुराते हुए गले लगा लिया। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इस दौरान बीजेपी कार्यालय का माहौल काफी खुशनुमा और उत्साह से भरा नजर आया।
”पार्टी मेरी मां है, आजीवन सेवा करूंगा” — पवन सिंह
प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के बाद मीडिया और कार्यकर्ताओं से बात करते हुए पवन सिंह भावुक नजर आए। उन्होंने कहा:
”मैं संजय सरावगी जी को दिल से प्रणाम और धन्यवाद करता हूं। मैं बस यही कहूंगा कि पार्टी मेरी मां है। मैं बीजेपी परिवार का एक सच्चा सेवक हूं और आजीवन रहूंगा। सच्चे दिल और सच्चे मन से मुझे सिर्फ और सिर्फ जनता और पार्टी की सेवा करनी है।”
काराकाट की ‘नाराजगी’ खत्म, मिला सब्र का फल
गौरतलब है कि पवन सिंह लंबे समय से बीजेपी से जुड़े रहे हैं, लेकिन साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी लाइन से अलग हटकर काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उनके चुनाव लड़ने से एनडीए (NDA) उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इस कदम के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी पवन सिंह से नाराज है, लेकिन धीरे-धीरे दूरियां खत्म हुईं और दोनों के रिश्ते फिर से पटरी पर लौट आए। अब बीजेपी ने उन्हें विधान परिषद का उम्मीदवार बनाकर यह साफ कर दिया है कि पवन सिंह को उनके सब्र का बड़ा फल मिल गया है।







