मानसून सत्र से पहले NDA की बड़ी बैठक आज! राजनाथ सिंह के घर बनेगी सरकार की रणनीति, इन 5 बड़े बिलों पर रहेगा फोकस

20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, 19 जुलाई को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक; कई अहम विधेयकों पर सरकार की नजर।

नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र 2026 से पहले केंद्र सरकार अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गई है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की शुक्रवार को अहम बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर होगी, जिसकी अध्यक्षता भी वही करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, इस संसदीय रणनीति बैठक में 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र के एजेंडे, विपक्ष की संभावित रणनीति और सरकार के विधायी कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा होगी। संसद का यह सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इससे पहले 19 जुलाई को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है, जिसमें सभी दलों से सहयोग की अपील की जाएगी।

मानसून सत्र में पेश हो सकते हैं ये 5 अहम विधेयक

सरकार इस सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश करने की तैयारी में है। इनमें प्रमुख रूप से—

  • आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026
  • सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026
  • जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से संबंधित संशोधन
  • राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम से जुड़ा विधेयक
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) से जुड़े संशोधन

बताया जा रहा है कि आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 और सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को अध्यादेशों के स्थान पर संसद में पेश किया जाएगा।

लंबित विधेयकों पर भी रहेगी नजर

सरकार इस सत्र में पहले से लंबित दो महत्वपूर्ण विधेयकों को भी आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इनमें विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA Amendment Bill) और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 शामिल हैं। शिक्षा अधिष्ठान विधेयक फिलहाल संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के विचाराधीन है।

मानसून सत्र को देखते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। ऐसे में आगामी सत्र के दौरान कई अहम मुद्दों पर जोरदार चर्चा और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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