JPSC आंदोलन में बड़ा फैसला तय! छात्रों की बैठक में बनी कई मांगों पर सहमति, सरकार से वार्ता से पहले तैयार हुआ प्लान
5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल होगा तैयार, परीक्षा रद्द से लेकर उम्रकैद, ₹1 करोड़ मुआवजा और परीक्षा सुधार तक कई मांगों पर बनी सहमति।

Ranchi:
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच गुरुवार को रांची में आंदोलन स्थल पर अहम बैठक जारी है। इस बैठक में 5 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल का चयन किया जा रहा है, जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा गठित समिति के साथ वार्ता कर छात्रों की मांगों को औपचारिक रूप से सरकार के सामने रखेगा।
बैठक में छात्रों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, कथित रूप से प्रभावित भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा आयोजित कराने की मांग पर सहमति बन रही है। इसके अलावा पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के दोषियों के खिलाफ उम्रकैद की सजा और आर्थिक दंड जैसे कड़े प्रावधान लागू करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है।
परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की मांग
छात्रों का कहना है कि JPSC और JSSC की परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी की OMR शीट उसके OTR (One Time Registration) पोर्टल पर उपलब्ध कराने और सभी परीक्षाओं के कटऑफ अंक सार्वजनिक करने की मांग पर भी बैठक में सहमति बनती दिखाई दे रही है।
संतोष मस्ताना की बहाली पर भी चर्चा
बैठक में संतोष मस्ताना को दोबारा उनके पद पर नियुक्त करने की मांग पर भी विचार किया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में स्थायी सुधार किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी परीक्षा में अनियमितता की गुंजाइश न रहे और चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष एवं जवाबदेह बने।
उत्पाद सिपाही अभ्यर्थियों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग
छात्रों ने उत्पाद सिपाही भर्ती की दौड़ के दौरान जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई है। फिलहाल बैठक जारी है और आंदोलन में शामिल सभी छात्रों की राय लेकर अंतिम मांगपत्र तैयार किया जा रहा है। अब सबकी नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी है, जिससे आंदोलन की आगे की दिशा तय हो सकती है।








