कौन था झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा जो जेल के अंदर से चलाता था खौफ का साम्राज्य.. पढ़िए पलामू से प्रिंस खान तक का कनेक्शन, पत्नी रिया संभालती थी जेल के बाहर की कमान
Who was Sujit Sinha, the notorious gangster from Jharkhand who ran a reign of terror from inside the jail? Read about the connection linking Palamu to Prince Khan and how his wife, Riya, managed operations outside the prison.

झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पूरी जीवनी पढ़ें। जानें उसके खिलाफ दर्ज मामले, गैंग का नेटवर्क, पुलिस कार्रवाई और मुठभेड़ में हुई मौत की पूरी कहानी
रांची/ जामताड़ा: झारखंड के अपराध जगत में सुजीत सिन्हा का नाम लंबे समय तक सबसे चर्चित गैंगस्टरों में गिना जाता रहा। उस पर हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज थे। पुलिस के अनुसार उसने झारखंड के कई जिलों में अपना आपराधिक नेटवर्क खड़ा किया था और जेल में रहने के दौरान भी गिरोह के संचालन के आरोप लगते रहे।

शुरुआती जीवन
सुजीत सिन्हा मूल रूप से झारखंड के पलामू क्षेत्र का रहने वाला बताया जाता है। शुरुआती दौर में वह छोटे-मोटे आपराधिक मामलों से जुड़ा, यूपी के गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव (अब मृत) का सुजीत सिन्हा खास शूटर माना जाता था, लेकिन बाद में उसने अपना अलग गैंग तैयार कर लिया। धीरे-धीरे उसका प्रभाव रांची, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, लातेहार, पलामू और आसपास के इलाकों तक फैल गया।
छोटे जुर्म से ‘रंगदारी किंग’ बनने तक का सफर
सुजीत सिन्हा ने अपराध की दुनिया में कदम छोटे-मोटे अपराधों से रखा था, लेकिन देखते ही देखते उसने अपने संगठित गिरोह का विस्तार कर लिया।रांची पुलिस की जांच में उसकी पत्नी रिया सिन्हा के गिरफ्तारी के बाद ये बात सामने आई थी कि सुजीत सिन्हा गैंग का कनेक्शन पाकिस्तान के हथियार तस्करों से था। सुजीत सिन्हा पंजाब के मोंगा से विदेशी हथियार झारखंड लाने के लिए लड़कियों का इस्तेमाल करता था।
कोयलांचल में पैठ: धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और लातेहार जैसे जिलों में कोयला व्यवसायियों, रेलवे ठेकेदारों और बड़े कारोबारियों से रंगदारी वसूलना उसका मुख्य पेशा बन गया।
अमन साहू के साथ गठजोड़: एक समय में सुजीत सिन्हा और कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू मिलकर गिरोह चलाते थे। इन दोनों के नेटवर्क ने झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में दहशत फैला रखी थी।
2020-2021 में जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में रहते उसने बड़ा गिरोह तैयार कर लिया था ।जेल के अंदर से ही अपराध करने के लिए अपने गिरोह के लोगों को आदेश डेरा था।
पत्नी भी करती थी गैंग ऑपरेट
सुजीत की पत्नी रिया सिन्हा भी गैंग को ऑपरेट करती थी। रिया गैंगस्टर के आदेश पर रंगदारी, गोलीबारी की घटना की अंजाम दिया जाता था। रिया सिन्हा सुजीत के निर्देश पर शूटर की व्यवस्था और पूरी वारदात को अंजाम दिलवाती थी। सुजीत सिन्हा का सीधा कनेक्शन झारखंड का कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के साथ भी बताया जा रहा है।
कैसे बना बड़ा गैंगस्टर?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुजीत सिन्हा पर 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। उस पर रंगदारी वसूलने, हत्या, हत्या की साजिश, अवैध हथियार रखने और संगठित अपराध चलाने जैसे आरोप लगे। जांच एजेंसियों का दावा रहा कि वह जेल के अंदर से भी अपने नेटवर्क को संचालित करता था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुजीत सिन्हा के खिलाफ हत्या, हत्या की साजिश, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। अलग-अलग जिलों की पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश और उसके गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करती रही।
पुलिस और ATS की कार्रवाई
समय-समय पर झारखंड पुलिस, ATS और बाद में CID ने उसके गिरोह के खिलाफ कई अभियान चलाए। उसकी और उसके सहयोगियों की संपत्तियों की जांच तथा जब्ती की कार्रवाई भी शुरू की गई। कई मामलों की जांच CID को भी सौंपी गई।
झारखंड पुलिस और एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की टीमें लंबे समय से सुजीत सिन्हा गिरोह पर नकेल कसने में जुटी हुई थीं। उसके गैंग के कई मुख्य शूटर और आर्थिक मददगार पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे।
सुजीत सिन्हा के आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए ही प्रशासन समय-समय पर उसकी जेल बदलता रहता था, ताकि वह किसी एक जगह पर अपना पक्का ठिकाना और नेटवर्क न बना सके।
जामताड़ा SP ने की पुष्टि
जामताड़ा जिले के SP शंभू कुमार सिंह ने बताया कि जिस वाहन से सुजीत को लाया जा रहा था उसका पहिया पंक्चर होने के कारण गाड़ी सड़क के नीचे आ गई।जिसके बाद दूसरे वाहन में शिफ्ट करने के दौरान सिपाही का हथियार छीन फायरिंग कर भागने लगा।जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।
कैसे हुआ अंत
साहिबगंज जेल से धनबाद जेल शिफ्ट किए जाने के दौरान जामताड़ा के पास पुलिस वाहन का टायर पंचर हो गया। दूसरी गाड़ी में बैठाने के दौरान सुजीत सिन्हा ने एक जवान की सर्विस राइफल छीनकर फायरिंग करने का प्रयास किया, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई (Encounter) में वह ढेर हो गया। पुलिस के अनुसार, उसे साहेबगंज जेल से धनबाद जेल ले जाया जा रहा था, इसी दौरान उसने भागने की कोशिश की, जिसके बाद मुठभेड़ हुई और वह घायल हो गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सुजीत सिन्हा का नाम झारखंड के सबसे चर्चित गैंगस्टरों में लिया जाता था। उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों ने उसे राज्य के संगठित अपराध नेटवर्क का प्रमुख चेहरा माना। हालांकि, उसके विरुद्ध लगे आरोप न्यायालय में अलग-अलग मामलों के आधार पर तय किए गए और कुछ मामलों में उसे राहत भी मिली।









