लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में जलाभिषेक के दौरान भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत; 12 से ज्यादा घायल
बिहार के लखीसराय अशोक धाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को जलाभिषेक के दौरान भगदड़ मच गई। हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत और 12 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

Big Accident । सावन सोमवारी पर भगदड़ की खबर है। बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच बड़ा हादसा हो गया। सोमवार सुबह मंदिर जाने वाले रास्ते पर अचानक अफरा-तफरी के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस हादसे में अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 12 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में कई महिलाएं शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
#WATCH | UPDATE | Bihar: Seven people died in a stampede-like incident at Ashokdham Temple in Lakhisarai. Several injuries reported.
SDPO Shivam Kumar tells ANI, “Seven casualties have been reported. It is being said that an electric pole fell there and people were… pic.twitter.com/JGvmh9MsoX
— ANI (@ANI) August 17, 2026
सुबह अचानक बढ़ गई श्रद्धालुओं की भीड़
सावन के तीसरे सोमवार के कारण अशोक धाम मंदिर में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे के बाद भीड़ अचानक काफी बढ़ गई। बताया जा रहा है कि दो ट्रेनों के एक साथ पहुंचने के बाद मंदिर की ओर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी।लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशासनिक टीम तड़के से ही मौके पर मौजूद थी और संभावित भीड़ को देखते हुए व्यवस्था की गई थी। हालांकि, सुबह अचानक अप्रत्याशित तरीके से भीड़ बढ़ने के बाद हालात बिगड़ गए।
बैरिकेडिंग टूटने के बाद मची भगदड़
डीएम के मुताबिक, मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते में खेत की तरफ लगाई गई बैरिकेडिंग भीड़ के दबाव में टूट गई। इसके बाद श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे और देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी मच गई। लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और कई श्रद्धालु भीड़ के बीच दब गए।हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासन की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया।
बिजली के पोल को लेकर भी सामने आई जानकारी
हादसे के कारण को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। लखीसराय के SDPO शिवम कुमार ने बताया कि मौके पर बिजली का एक पोल गिरने और लोगों के करंट की चपेट में आने की बात भी सामने आई है। इससे श्रद्धालुओं में दहशत फैलने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।हालांकि, पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि हादसे की सही वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। इसलिए फिलहाल बिजली के पोल या करंट को हादसे का अंतिम कारण नहीं माना जा सकता।
मृतकों में अधिकतर महिलाएं
शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकतर महिलाएं हैं। घायलों में भी कई महिलाएं शामिल बताई जा रही हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर होने की जानकारी सामने आई है, ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। राहत-बचाव अभियान चलाने के साथ ही हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि अचानक भीड़ इतनी तेजी से क्यों बढ़ी और बैरिकेडिंग टूटने की स्थिति कैसे बनी।
सावन के तीसरे सोमवार के कारण मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान पहले से था। इसके बावजूद अचानक बढ़ी भीड़ ने व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया और स्थिति कुछ ही समय में नियंत्रण से बाहर हो गई।
लखीसराय अशोक धाम हादसे में अब तक
- स्थान: अशोक धाम मंदिर, लखीसराय, बिहार
- मौका: सावन का तीसरा सोमवार
- मृतक: 7 श्रद्धालु
- घायल: 12 से अधिक
- हादसे का समय: सोमवार सुबह करीब 6:30 से 7 बजे के बीच
- प्रारंभिक जानकारी: भीड़ बढ़ने के बाद बैरिकेडिंग टूटने से भगदड़ जैसी स्थिति
- अन्य आशंका: बिजली का पोल गिरने और करंट फैलने की सूचना की भी जांच
- स्थिति: प्रशासन और पुलिस की जांच जारी









