JSSC CGL 2023: चार सफल अभ्यर्थी की हुई गिरफ्तारी, CID ने खोली पेपर लीक नेटवर्क की परतें; अब बेंगाबाद कनेक्शन की जांच, जानिये कहां-कहां से हुई गिरफ्तारी
JSSC CGL 2023: Four successful candidates arrested; CID uncovers layers of the paper leak network; 'Bengabad connection' now under investigation—find out where the arrests took place.

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CGL)-2023 में कथित अनियमितता के मामले में CID ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी की विशेष जांच टीम ने शुक्रवार को चार और सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी और आनंद कुमार सिंह के रूप में हुई है।
इससे एक दिन पहले CID ने परीक्षा संचालन से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार शामिल हैं। दोनों को पूछताछ के लिए पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। CID अब परीक्षा में कथित गड़बड़ी की पूरी कड़ी और सफल अभ्यर्थियों के साथ पेपर लीक नेटवर्क के संभावित संपर्क की जांच कर रही है।
धनबाद और बोकारो से चार अभ्यर्थी गिरफ्तार
CID की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार चार अभ्यर्थियों में दीपक कुमार धनबाद जिले के नावाडीह थाना क्षेत्र के सनशाइन अपार्टमेंट में रहते हैं।दूसरे आरोपी उमेश कुमार राय मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले बताए गए हैं। वर्तमान में वह बोकारो के दुग्दा थाना क्षेत्र में रह रहे थे।
तीसरे आरोपी विजय कुमार तिवारी धनबाद के राजगंज थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वहीं, बिहार के सारण जिले के कोपा थाना क्षेत्र निवासी आनंद कुमार सिंह को भी धनबाद से गिरफ्तार किया गया है।CID का कहना है कि चारों की गिरफ्तारी JSSC CGL 2023 परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े मामले की जांच के क्रम में की गई है।
एक दिन पहले परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी
चार अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी से एक दिन पहले CID ने परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई की थी। जांच एजेंसी ने सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया था।सोमांश प्रकाश, भरत तिवारी के पुत्र बताए गए हैं और मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले के विक्रमगंज थाना क्षेत्र के असकामिनी नगर के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह दिल्ली के बुराड़ी थाना क्षेत्र के संत नगर इलाके में रह रहे थे।
वहीं राहुल कुमार, संजय कुमार मिश्रा के पुत्र और बिहार के वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र के चांदसराय गांव के निवासी बताए गए हैं। वह भी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में रह रहे थे।दोनों को CID ने पूछताछ के लिए पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया है। जांच एजेंसी उनसे परीक्षा में कथित अनियमितता, प्रश्नपत्र की पहुंच और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
बेंगाबाद में CID की छापेमारी, ASO समीर से पूछताछ
मामले की जांच के दौरान CID की विशेष टीम ने गुरुवार देर रात गिरिडीह जिले के बेंगाबाद में भी छापेमारी की। टीम ने बेंगाबाद चौक स्थित एक मिठाई की दुकान से CGL परीक्षा में सफल होकर ASO के पद पर कार्यरत समीर उर्फ शालू को पकड़ा।बताया जा रहा है कि समीर छुट्टी पर रांची से बेंगाबाद गया था। CID टीम ने उसके घर पर भी तलाशी ली। इस दौरान कुछ सामान और मोबाइल फोन जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।जांच एजेंसी अब जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच कर रही है।
अभय तिवारी के बेंगाबाद कनेक्शन की जांच
CID जांच का एक अहम पहलू कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी के बेंगाबाद कनेक्शन से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार, अभय तिवारी का ससुराल बेंगाबाद थाना क्षेत्र के हातबोड़ गांव में बताया जाता है।आरोप है कि उसके संपर्क के जरिए बेंगाबाद और आसपास के कुछ युवकों को प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित तौर पर लाभ पहुंचाकर नौकरी दिलाने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।CID यह पता लगाने में जुटी है कि बेंगाबाद और आसपास के सफल अभ्यर्थियों का कथित पेपर लीक नेटवर्क से कोई सीधा संपर्क था या नहीं।
बाइल और डिजिटल डिवाइस से खुलेगा राज?
जांच एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही है। इनसे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या उसके कंटेंट को लेकर किसी तरह का संपर्क हुआ था या नहीं।CID यह भी जांच रही है कि कथित अनियमितता में किसी अभ्यर्थी को अनुचित लाभ मिला था या नहीं। यदि किसी अभ्यर्थी को लाभ पहुंचाने के लिए परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों या किसी अन्य नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
पूरे नेटवर्क की तलाश में CID
CID की जांच अब केवल चार गिरफ्तार सफल अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि JSSC CGL 2023 में कथित अनियमितता का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों और परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों के बीच संभावित संपर्क भी है। CID पेपर लीक की पूरी कड़ी, कथित तौर पर प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक पहुंचने और इसके पीछे सक्रिय लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
हालांकि, जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।








