…वो आखिरी रात: रात 12 बजे सीने में दर्द, 2.15 में अस्पताल, फिर 2.25 में थम गई सांसें…. सुदिव्य सोनू की आखिरी रात में क्या हुआ?
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की तबीयत शनिवार देर रात अचानक बिगड़ी। सीने में दर्द और बेचैनी के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पढ़िये आखिर रात क्या क्या, कब-कब हुआ

गिरिडीह: झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के स्वास्थ्य को लेकर शनिवार देर रात घटनाक्रम इतनी तेजी से बदला कि परिजनों और करीबियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। दिनभर शिक्षक दिवस के कार्यक्रमों में व्यस्त रहने के बाद रात में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद उनका निधन हो गया।
दिनभर कार्यक्रमों में व्यस्त रहे सुदिव्य सोनू
करीबी लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर सुदिव्य कुमार सोनू के अलग-अलग स्थानों पर कई कार्यक्रम थे। वह पूरे दिन कार्यक्रमों में व्यस्त रहे। इस दौरान उन्होंने अपने करीबियों और कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की।
बताया जा रहा है कि दोपहर में उन्होंने बाहर ही भोजन किया था। देर रात कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह अपने आवास लौटे। खाना खाने के बाद आराम करने चले गए। सोने से पहले उन्होंने परिवार के सदस्यों और कुछ करीबियों से बातचीत भी की थी।
रात करीब 12 बजे अचानक उठा सीने में दर्द
बताया जा रहा है कि रात करीब 12 बजे अचानक उन्हें बेचैनी महसूस हुई और सीने में दर्द होने लगा। हालांकि, उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि दर्द जल्द ठीक हो जाएगा। इसी वजह से वह करीब दो घंटे तक घर पर ही रहे।
करीबी सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान सुदिव्य सोनू परिवार के लोगों से कहते रहे कि दर्द ज्यादा नहीं है और कुछ देर में ठीक हो जाएगा। लेकिन समय बीतने के साथ उनकी बेचैनी और परेशानी बढ़ती चली गई।
रात करीब 2 बजे अस्पताल ले जाया गया
जब करीब दो घंटे बाद भी उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो परिवार के लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने का फैसला किया। रात करीब 2.15 बजे उन्हें गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत काफी गंभीर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने तत्काल उन्हें ICU में भर्ती किया और लाइफ सपोर्ट के जरिए उनकी स्थिति को स्थिर करने की कोशिश की।
ICU में इलाज के दौरान निधन
डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अस्पताल पहुंचने के करीब 10-15 मिनट बाद ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक रात करीब 2.25 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई। हालांकि, घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग तरह की बातें भी सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि अस्पताल लाए जाने के दौरान ही उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी और वह बेहोश हो गए थे।
खबर फैलते ही अस्पताल में जुटी भीड़
सुदिव्य कुमार सोनू की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके निधन की खबर फैलते ही रात में ही बड़ी संख्या में समर्थक और चाहने वाले अस्पताल पहुंचने लगे। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
सुदिव्य कुमार सोनू अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। उनके आकस्मिक निधन से परिवार, समर्थकों और झारखंड के राजनीतिक गलियारे में शोक का माहौल है।









