Nepal Flood: 11वें दिन मलबे के अंदर से आई जिंदगी की खबर! 10 दिन से फंसी 60 साल की महिला जिंदा मिली, रेस्क्यू टीम भी रह गई हैरान
चार मंजिला मकान की ऊपरी मंजिल में बेहोशी की हालत में मिली चंद्रिका श्रेष्ठ; हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया, करीब 5 हजार लोग अब भी लापता

काठमांडू: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद जहां हर तरफ तबाही और मातम का मंजर है, वहीं 11वें दिन एक ऐसी खबर सामने आई जिसने बचाव अभियान में नई उम्मीद जगा दी। नुवाकोट जिले के बेत्रावती इलाके में मलबे में दबे चार मंजिला मकान की ऊपरी मंजिल से करीब 10 दिनों से फंसी 60 वर्षीय महिला को जिंदा बचा लिया गया।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, महिला की पहचान चंद्रिका श्रेष्ठ के रूप में हुई है। वह बिदुर नगरपालिका-10 स्थित एक मकान में मलबे और कीचड़ के बीच फंसी हुई थीं।
बेहोशी की हालत में मिली महिला
रिपोर्ट के अनुसार, सशस्त्र पुलिस बल की नौ सदस्यीय टीम ने अभियान चलाकर महिला को मलबे से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद उनकी हालत को देखते हुए उन्हें शुरुआती उपचार के लिए हेलीकॉप्टर से त्रिशूली स्थित नेपाली सेना की मैथिली बैरक ले जाया गया।
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय के हवाले से बताया गया है कि जरूरत पड़ने पर महिला को आगे के इलाज के लिए काठमांडू ले जाया जा सकता है।
11वें दिन भी जारी है जिंदगी की तलाश
26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी। इसके बावजूद बचाव और राहत अभियान लगातार जारी है।
तबाही के बीच मलबे से किसी व्यक्ति के जिंदा मिलने की खबर ने बचाव दलों और प्रभावित परिवारों में उम्मीद की एक नई किरण जगाई है।
मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 1,344
प्रभावित इलाकों से लगातार शव बरामद होने के बाद नेपाल में इस आपदा से मरने वालों की संख्या 1,344 तक पहुंच गई है। वहीं करीब 5,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
बचाव अभियान के दौरान अब तक 13,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। लापता लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
बाढ़ ने बहा दिए मकान, सड़कें और पुल
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को आई प्राकृतिक आपदा के बाद उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही हुई।
भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के तेज बहाव में मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए। कई पनबिजली परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
चीन की ओर से सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, आपदा में चीन के क्षेत्र में भी कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है, जबकि तिब्बत में 500 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
पहचान करना बनी बड़ी चुनौती
अब तक बरामद शवों में 758 वयस्क और 85 बच्चे शामिल बताए गए हैं, जबकि 501 शव ऐसे मिले हैं, जिनके कुछ अंग गायब हैं। ऐसे में मृतकों की पहचान करना बचाव एवं प्रशासनिक टीमों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, सबसे अधिक 360 शव अकेले चितवन जिले से बरामद किए गए हैं। इसके अलावा रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं, नवलपरासी पूर्व और नवलपरासी पश्चिम से भी शव बरामद हुए हैं।
1,030 शव अस्थायी रूप से दफनाए गए
पहचान के लिए DNA नमूने सहित जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद अब तक 1,030 शवों को अस्थायी रूप से दफनाया गया है। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनमें से केवल 96 शव ही परिजनों को सौंपे जा सके हैं।
ऐसे भयावह हालात के बीच 10 दिनों तक मलबे में फंसी 60 वर्षीय महिला का जिंदा मिलना बचाव अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। इससे हजारों लापता लोगों के परिवारों में भी अपने अपनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद बढ़ी है।









