Jammu Kashmir Encounter: “तुम भाग सकते हो, छिप नहीं सकते…” बडगाम में पाकिस्तानी आतंकी यासिर ढेर, पहलगाम हमले से जुड़े थे तार!
सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के संयुक्त ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी मारा गया; पुंछ IAF काफिले और DKG एंबुश से भी जुड़ा था नाम

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। बडगाम के जंगलों में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के पाकिस्तानी आतंकी यासिर उर्फ अबु तल्हा को मार गिराया गया। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यासिर लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था और कई आतंकी घटनाओं से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा रहा था।
बडगाम के जंगलों में घेरा, फिर शुरू हुआ एनकाउंटर
सुरक्षाबलों को इनपुट मिला था कि आतंकियों का एक संदिग्ध समूह पुलवामा के पाखेरपोरा से बडगाम के यूसमर्ग की तरफ बढ़ रहा है। सूचना मिलते ही अशदार गली के जंगलों में तलाशी अभियान शुरू किया गया।
खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी की। इसी दौरान सुरक्षाबलों का आतंकियों से सामना हुआ और मुठभेड़ में यासिर उर्फ अबु तल्हा मारा गया।
कार्रवाई के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा— “तुम भाग सकते हो, छिप नहीं सकते।”
इलाके में अभी भी सुरक्षा अभियान जारी बताया गया है।
पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी सामने आया था नाम
यासिर का नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच से भी जुड़ा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हमले के दौरान सामने आई एक तस्वीर में चार आतंकियों को देखा गया था।
बताया जा रहा है कि इस समूह के दो आतंकी पहले ही सुरक्षाबलों के हाथों मारे जा चुके हैं और अब यासिर भी ढेर हो गया है। एजेंसियों के अनुसार, इस चार सदस्यीय समूह में अब हाशिम मूसा ही सक्रिय सदस्य बचा है।
सूत्रों के मुताबिक, यासिर के साथ सुलेमान और हाशिम मूसा के नाम भी पहलगाम हमले की जांच में सामने आए थे।
पुंछ में IAF काफिले पर हमले से भी कनेक्शन
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यासिर का आतंकी नेटवर्क केवल पहलगाम हमले तक सीमित नहीं था। उसका नाम मई 2024 में पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हुए हमले से भी जोड़ा गया है।
इस हमले में एक जवान शहीद हुआ था। इसके अलावा यासिर के 21 दिसंबर 2023 के डेरा की गली (DKG) एंबुश से भी जुड़े होने की बात सामने आई है। इस हमले में आतंकियों ने सेना के जवानों को निशाना बनाया था, जिसमें चार जवान शहीद हुए थे।
2022 से सक्रिय था चार सदस्यीय LeT ग्रुप
एजेंसियों के मुताबिक, यासिर वर्ष 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के चार सदस्यीय आतंकी समूह का हिस्सा था।
इस ग्रुप में जुनैद रमजान, सुलेमान, यासिर और हाशिम मूसा शामिल बताए जाते हैं। जुनैद रमजान और सुलेमान पहले ही मारे जा चुके हैं।
अब यासिर के भी ढेर होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजर हाशिम मूसा पर है, जिसे इस समूह का एकमात्र सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।
आतंक के नेटवर्क पर लगातार शिकंजा
बडगाम में हुई यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षाबलों के लगातार अभियान का हिस्सा है। यासिर के मारे जाने से उन नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है, जिनके तार कई आतंकी घटनाओं से जुड़े होने का दावा सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।
सुरक्षाबल अब इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कहीं कोई अन्य आतंकी छिपा न हो।









