लोहरदगा में धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ का आरोप, युवक हिरासत में; पुलिस साजिश समेत सभी पहलुओं की कर रही जांच
Allegation of vandalism at a religious site in Lohardaga; youth detained; police investigating all aspects, including the possibility of a conspiracy.

लोहरदगा। जामा मस्जिद और हजरत बाबा दुखन शाह के मजार शरीफ में मंगलवार देर रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच कथित तौर पर तोड़फोड़ और धार्मिक सामग्री को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। झारखंड के लोहरदगा शहर में धार्मिक स्थल से जुड़ी इस घटना के बाद बुधवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने इस संवेदनशील मामले को काफी गंभीरता से सुलझाया।
घटना की सूचना फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग जामा मस्जिद के पास जुट गए और विरोध जताया।मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
घटना के बाद मौके पर जुटे लोग
इस घटना की जानकारी बुधवार सुबह करीब 9 सितंबर को लोगों को मिली। इसके बाद मुस्लिम समाज के लोग जामा मस्जिद परिसर में पहुंचे। इसी दौरान एक युवक को लोगों ने पकड़ रखा था, जिसे बाद में पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
इधर, अंजुमन इस्लामिया की ओर से सदर थाना पुलिस को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि युवक ने मस्जिद और मजार परिसर में प्रवेश कर वहां तोड़फोड़ की। आवेदन में कुरआन शरीफ को नुकसान पहुंचाने और जलाने की कोशिश तथा मजार पर चढ़ाई गई चादर को हटाकर इधर-उधर फेंकने का भी आरोप लगाया गया है।पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्यों तथा युवक से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे
बुधवार सुबह जामा मस्जिद के सामने विरोध प्रदर्शन किया। करीब 11:30 बजे से दोपहर एक बजे तक लोगों की भीड़ मौके पर रही। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए मामले की विस्तृत जांच की मांग की। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी साजिश की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।
युवक की मानसिक स्थिति को लेकर भी जांच
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और युवक के परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात सामने आई है। पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बना रही है।एसपी सादिक अनवर रिजवी के मुताबिक, युवक के परिवार से पूछताछ की गई है और मानसिक स्थिति से संबंधित जानकारी मिली है। इसके बावजूद पुलिस घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या साजिश की संभावना को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं कर रही है।
युवक की पहचान नौशाद अंसारी के रूप में
इस घटना को लेकर सदर थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर के अनुसार हिरासत में लिए गए युवक की पहचान नौशाद अंसारी (28 वर्ष) के रूप में हुई है। वह हजरत अंसारी का पुत्र बताया गया है और मूल रूप से नेपाल के मधेश प्रदेश के सप्तरी जिले के राजविराज क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है।पुलिस के अनुसार युवक का ननिहाल बिहार के अररिया जिले में है। उसके मौसा का नाम नौशाद अंसारी बताए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवक लोहरदगा कैसे पहुंचा और मंगलवार देर रात वह मस्जिद परिसर में किस तरह दाखिल हुआ।
समय पर पुलिस पहुंचने से टली बड़ी स्थिति
सदर थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली।अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंचती तो भीड़ की ओर से युवक के साथ हिंसा की स्थिति पैदा होने की आशंका थी। फिलहाल पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। युवक की मानसिक स्थिति, उसके लोहरदगा पहुंचने की परिस्थितियां, धार्मिक स्थल में प्रवेश और घटना के दौरान हुई गतिविधियों समेत अन्य बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है।पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच जरूरी है। घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या साजिश के आरोपों की भी जांच की जाएगी।








