JSSC CGL पर हाईकोर्ट का बड़ा दखल, 1340 कर्मियों की नौकरी फिलहाल बची! सरकार ने दिया काम पर लौटने का आदेश… अब 15 सितंबर पर टिकी नजर

परीक्षा और नियुक्तियां रद्द करने के सरकारी फैसले पर अंतरिम रोक जारी, हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को काम लेने के दिए निर्देश

 

रांची। झारखंड में JSSC CGL-2023 को लेकर चल रहे विवाद में 1340 अधिकारियों-कर्मचारियों को फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है। राज्य सरकार द्वारा परीक्षा और उसके आधार पर हुई नियुक्तियां रद्द किए जाने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद कार्मिक विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रभावित कर्मियों से पूर्व की तरह उनके पदों पर काम लिया जाए।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्मिक विभाग ने सभी संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, JSSC सचिव, प्रमंडलीय आयुक्तों और उपायुक्तों को पत्र भेजकर आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

सरकार के फैसले से मचा था हड़कंप

दरअसल, 17 अगस्त 2026 को राज्य कैबिनेट ने JSSC CGL-2023 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके अगले ही दिन कार्मिक विभाग ने परीक्षा के साथ-साथ इसके आधार पर हुई नियुक्तियों को भी रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी।

सरकार के इस फैसले के बाद परीक्षा के जरिए नियुक्त हुए अधिकारी-कर्मचारियों के सामने नौकरी जाने का संकट खड़ा हो गया। प्रभावित कर्मियों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

हाईकोर्ट ने लगाई सरकारी आदेश के क्रियान्वयन पर रोक

28 अगस्त को हाईकोर्ट ने सरकार की अधिसूचना के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अदालत ने प्रभावित कर्मियों को अपने-अपने पदों पर काम जारी रखने का निर्देश दिया था।

हालांकि, इसके बाद भी कई विभागों में यह स्थिति स्पष्ट नहीं थी कि इन कर्मियों से काम लिया जाए या नहीं। अब कार्मिक विभाग के ताजा आदेश से यह स्थिति साफ हो गई है।

1340 कर्मी फिलहाल अपने पदों पर पहले की तरह काम करते रहेंगे।

नियमित नियुक्ति खत्म करने से पहले प्राकृतिक न्याय जरूरी

गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने CGL-2023 के विज्ञापन संख्या 10/2023 को रद्द करने संबंधी सरकारी अधिसूचना पर अगले आदेश तक रोक जारी रखी।

अदालत ने प्रथम दृष्टया टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी नियमित नियुक्ति को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन किए बिना समाप्त नहीं किया जा सकता।

इस टिप्पणी के बाद प्रभावित कर्मचारियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है।

15 सितंबर को फिर होगी अहम सुनवाई

मामले में अब अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को दोपहर 12:15 बजे होगी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी शपथ पत्र दाखिल कर CID जांच और अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

वहीं, प्रार्थियों को 14 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करना होगा।

मामले में प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, अर्पण एक्का और कुमार अभिषेक ने पक्ष रखा।

क्या है JSSC CGL-2023 का पूरा विवाद?

JSSC ने जनवरी 2024 में CGL परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा के बाद पेपर लीक के आरोप सामने आए और अभ्यर्थियों ने आंदोलन शुरू किया। इसके बाद सरकार ने SIT गठित कर मामले की जांच शुरू कराई।

जुलाई-अगस्त 2024 में परीक्षा का परिणाम जारी किया गया और 1,932 अभ्यर्थियों का चयन कर विभिन्न विभागों में नियुक्तियां दी गईं।

करीब दो साल बाद 17 अगस्त 2026 को राज्य कैबिनेट ने परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया। इसके खिलाफ प्रभावित कर्मचारी हाईकोर्ट पहुंचे।

अब अदालत के अंतरिम आदेश के बाद 1340 कर्मियों की नौकरी पर फिलहाल संकट टल गया है और वे अपने पदों पर काम जारी रखेंगे। हालांकि, मामले का अंतिम फैसला अभी बाकी है और अगली सुनवाई 15 सितंबर को होने वाली है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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