रांची में त्योहारों से पहले प्रशासन का बड़ा अलर्ट! पंडाल में जरा सी चूक पड़ी भारी, नियम तोड़े तो होगी सीधी कार्रवाई
गणेश चतुर्थी से छठ और काली पूजा तक सुरक्षा का पूरा प्लान तैयार, पंडालों की फायर सेफ्टी, बिजली कनेक्शन, विसर्जन रूट और ट्रैफिक व्यवस्था पर रहेगी कड़ी नजर

रांची। राजधानी रांची में आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। गणेश चतुर्थी, करम पर्व, दुर्गापूजा, दीपावली, छठ और काली पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विस्तृत तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में कानून-व्यवस्था से लेकर यातायात, बिजली, अग्निशमन, स्वच्छता और विसर्जन व्यवस्था की समीक्षा की गई।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पूजा पंडालों के निर्माण में सुरक्षा नियमों से कोई समझौता नहीं होगा। नियमों की अनदेखी करने वाली पूजा समितियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पंडाल में फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट जरूरी
पूजा समितियों को पंडालों में सुरक्षित वायरिंग, पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अलग इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था जरूरी होगी।
अग्निशमन विभाग प्रमुख पूजा स्थलों और पंडालों का निरीक्षण करेगा। इस दौरान फायर उपकरण, बिजली वायरिंग और आपातकालीन निकासी मार्ग की व्यवस्था की जांच की जाएगी।
बिजली के खंभे और ट्रांसफॉर्मर से दूर रहेंगे पंडाल
प्रशासन ने पंडाल और तोरण द्वार को बिजली के खंभे, ट्रांसफॉर्मर अथवा अन्य विद्युत संरचनाओं से सटाकर बनाने पर रोक लगाई है।
पूजा पंडालों में सजावट और रोशनी के लिए नंगे या खुले तारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। समितियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बिजली कनेक्शन और स्वीकृत लोड लेने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली विभाग के अधिकारी भी पूजा स्थलों का नियमित निरीक्षण करेंगे।
वॉलंटियर्स को मिलेगी भीड़ संभालने की ट्रेनिंग
प्रशासन पूजा समितियों के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों को प्राथमिक अग्नि सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की ट्रेनिंग देगा। इसका उद्देश्य किसी आपात स्थिति में शुरुआती स्तर पर राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू करना है।
विसर्जन के लिए पूजा समितियों को प्रशासन और संबंधित थानों के साथ समन्वय करना होगा तथा निर्धारित रूट का ही इस्तेमाल करना होगा। विसर्जन में लगाए जाने वाले वाहनों की एमवीआई से जांच भी कराई जाएगी।
करम पर्व पर तालाबों की सुरक्षा पर विशेष नजर
करम पर्व के दौरान तालाबों और अन्य पूजा स्थलों पर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए नगर निगम को पहले से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
तालाबों की साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था के साथ जरूरत के अनुसार क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। करमा पर्व समितियों के साथ बैठक कर उनकी जरूरतों और प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की सूची भी तैयार की जाएगी।
दीपावली में पटाखों से लेकर ट्रैफिक तक निगरानी
दीपावली के दौरान बाजारों और प्रमुख इलाकों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रतिबंधित अथवा असुरक्षित पटाखों की बिक्री रोकने के लिए नियमित जांच की जाएगी।
इसके अलावा खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को भी नियमित जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
छठ से पहले घाटों को तैयार करने का निर्देश
छठ पर्व को देखते हुए नगर निगम को सभी तालाबों और छठ घाटों की समय पर साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।
घाटों पर रोशनी, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने पर जोर दिया गया है, ताकि पर्व के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
प्रशासन की दो टूक—सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक में प्रशासन ने पर्व-त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। पंडाल निर्माण से लेकर बिजली, अग्निशमन, भीड़ नियंत्रण और विसर्जन तक सभी व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी।
बैठक में सिटी एसपी पारस राणा, ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, एसडीओ कुमार रजत, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण और अपर जिला दंडाधिकारी धनंजय समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।








