सेना-रेलवे की नौकरी का दिखाया सपना, हाथ में थमा दिया फर्जी नियुक्ति पत्र! रांची में खुला बड़ा खेल, गिरोह का एक सदस्य गिरफ्तार
कोलकाता मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर SIT ने शुरू की जांच, सेना, MES और रेलवे में भर्ती के नाम पर युवाओं से ठगी का आरोप

नामकुम। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक गिरोह का रांची में पर्दाफाश हुआ है। गिरोह पर सेना, मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) और रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से पैसे ऐंठने और फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप है। मामले में पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है।
मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना से खुला राज
मामले की जानकारी सामने आने के बाद कोलकाता मिलिट्री इंटेलिजेंस ने रांची पुलिस से संपर्क किया। गुप्त सूचना के आधार पर रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया।
जांच टीम ने मामले से जुड़े सुराग जुटाने शुरू किए। इसी दौरान सेना में फर्जी बहाली से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य पुलिस के हाथ लगे।
सेना की भर्ती के नाम पर चल रहा था खेल
इसके बाद कोलकाता मिलिट्री इंटेलिजेंस और नामकुम पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य गौतम कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
गौतम कुमार रांची के सदर थाना क्षेत्र स्थित आरटीसी स्कूल, लवकुश टावर का रहने वाला बताया गया है।
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर युवाओं को बनाते थे निशाना
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गिरोह बेरोजगार युवाओं को सेना, MES और रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा देता था। इसके बाद उन्हें नौकरी से संबंधित फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए जाते थे।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।
कितने युवाओं से हुई ठगी? नेटवर्क कितना बड़ा?
गौतम कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों के सामने अब कई अहम सवाल हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं, अब तक कितने युवाओं को निशाना बनाया गया और फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।
पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है। पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की आगे की जांच में जुटी हैं।








