जमशेदपुर: आसमान से पैराशूट के सहारे गिरी रहस्यमयी चीज, गांव में मचा हड़कंप; फोन नंबर से खुला राज, जानिए क्या था सामान
बहरागोड़ा के पाथरा गांव में पैराशूट के सहारे रहस्यमयी उपकरण गिरने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब्त किया तो फोन नंबर से खुला राज, वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ा है उपकरण।

बहरागोड़ा। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आसमान से पैराशूट के सहारे एक सामान जमीन पर आ गिरा। अचानक आसमान से नीचे आती इस वस्तु को देखकर आसपास के ग्रामीणों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बन गया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और हर कोई यह जानने की कोशिश करने लगा कि आखिर यह रहस्यमयी चीज है क्या। दरअसल ये घटना पाथरा गांव के समीप की बताई जा रही है। ग्रामीणों ने जब पैराशूट के सहारे उपकरण को नीचे आते देखा तो कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। लोग इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाने लगे।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस, उपकरण को किया जब्त
घटना की सूचना मिलते ही बरसोल पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एहतियात के तौर पर उपकरण को अपने कब्जे में लिया और सुरक्षित थाने ले गई।शुरुआत में उपकरण को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं, लेकिन पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में मामला कुछ और ही निकला। जांच के दौरान पता चला कि यह कोई संदिग्ध या खतरनाक वस्तु नहीं, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ा उपकरण है।
उपकरण पर लिखे फोन नंबर ने खोला पूरा राज
इस रहस्यमयी उपकरण पर एक फोन नंबर दर्ज था। पुलिस ने इसी नंबर के माध्यम से संबंधित संस्था से संपर्क किया। संपर्क होने के बाद धीरे-धीरे पूरे मामले की तस्वीर साफ हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह उपकरण पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर स्थित विद्यासागर विश्वविद्यालय से वैज्ञानिक अनुसंधान के उद्देश्य से उड़ाया गया था।यानी जिस चीज को देखकर ग्रामीणों में पहले डर और तरह-तरह की आशंकाएं पैदा हो गई थीं, वह वास्तव में वैज्ञानिक शोध का हिस्सा निकली।
वैज्ञानिकों की टीम दो-तीन दिन में पहुंचेगी बहरागोड़ा
संबंधित संस्था के अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि वैज्ञानिकों की टीम अगले दो-तीन दिनों के भीतर बरसोल पहुंचेगी। टीम उपकरण को अपने साथ ले जाएगी।फिलहाल पुलिस ने उपकरण को सुरक्षित अपने कब्जे में रखा है। संस्था की ओर से भी पुलिस से अनुरोध किया गया है कि उपकरण को सुरक्षित रखा जाए और उसे आम लोगों से दूर रखा जाए।
पैराशूट से गिराने के पीछे क्या थी वजह?
पैराशूट के जरिए आसमान से उपकरण को जमीन तक पहुंचाए जाने को लेकर ग्रामीणों में दिनभर चर्चा होती रही। सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर वैज्ञानिकों ने इस उपकरण को पैराशूट के जरिए क्यों उतारा और इसका इस्तेमाल किस तरह के शोध में किया जा रहा था?पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उपकरण का संबंध वैज्ञानिक अनुसंधान से है। हालांकि, यह किस विशेष प्रयोग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था और इसे किस स्थान से उड़ाया गया था, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।वैज्ञानिकों की टीम के बहरागोड़ा पहुंचने के बाद ही उपकरण से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
डर से शुरू हुई कहानी, वैज्ञानिक शोध पर खत्म हुई
आसमान से अचानक पैराशूट के सहारे कोई अज्ञात वस्तु गिरने से पाथरा गांव में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल जरूर बन गया था। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
लेकिन उपकरण पर दर्ज एक फोन नंबर ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया। अब साफ हो गया है कि गांव के पास गिरी यह वस्तु किसी आपराधिक या संदिग्ध गतिविधि से जुड़ी नहीं, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला उपकरण है।फिलहाल पुलिस की निगरानी में उपकरण सुरक्षित रखा गया है और वैज्ञानिकों की टीम के आने का इंतजार किया जा रहा है।
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Jharkhand News: आसमान से पैराशूट के सहारे गिरी रहस्यमयी चीज, गांव में मचा हड़कंप; फोन नंबर से खुला राज
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