झारखंड: नेताजी तो चोर निकले! चुनाव हारे तो ‘चोरी’ को बनाया पार्ट टाइम काम! साला सहित नेताजी गिरफ्तार, सरकारी दफ्तरों को बनाते थे निशाना
पलामू पुलिस ने सरकारी दफ्तरों और स्कूलों में चोरी के आरोप में पूर्व पंचायत समिति सदस्य और उसके साले को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 50 लाख से ज्यादा का सामान बरामद किया।

Jharkhand Crime News। चुनाव हारने के बाद नेताजी ने चोरी का पार्टटाइम धंधा शुरू कर दिया। पुलिस ने नेताजी और उनके साले साहब को गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाला ये मामला पलामू जिले से सामने आया है, जहां राजनीति में किस्मत आजमाने के बाद चुनाव हार गए तो कथित तौर पर चोरी का रास्ता अपना लिया। पलामू पुलिस ने सरकारी कार्यालयों, पंचायत सचिवालय और स्कूलों में चोरी करने के आरोप में एक पूर्व पंचायत समिति सदस्य और उसके साले को गिरफ्तार किया है।
पुलिस का दावा है कि दोनों मिलकर अलग-अलग सरकारी संस्थानों को निशाना बनाते थे।पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 50 लाख रुपये से अधिक कीमत का चोरी का सामान बरामद करने का दावा किया है। बरामद सामान में कंप्यूटर, प्रिंटर, CPU, लैपटॉप, इन्वर्टर, बैटरी, होम थिएटर, लेमिनेशन मशीन समेत बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।
घर में छिपाकर रखा था चोरी का सामान, बेचने की थी तैयारी
पुलिस के मुताबिक पलामू एसपी कपिल चौधरी को सूचना मिली थी कि नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के नामुदाग में अवधेश कुमार भुईयां के घर में चोरी का काफी सामान रखा हुआ है और उसे बेचने की कोशिश की जा रही है।सूचना के आधार पर छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नामुदाग में छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान मिला।इसके बाद पुलिस ने अवधेश कुमार भुईयां और उसके साले अमोद को गिरफ्तार कर लिया।
सरकारी दफ्तरों से लेकर स्कूल तक बनाए निशाना
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर पलामू के कई सरकारी संस्थानों और अन्य स्थानों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था।पुलिस के मुताबिक चोरी की घटनाएं इन जगहों पर सामने आई हैं—
• छतरपुर प्रखंड कार्यालय
• छतरपुर बिजली कार्यालय
• पाटन प्रखंड कार्यालय
• नौडीहा बाजार प्रखंड कार्यालय
• नावाटांड़ पंचायत सचिवालय
• नौडीहा बाजार की फोटो कॉपी दुकान
• नामुदाग हाई स्कूल
इन स्थानों से इलेक्ट्रॉनिक और अन्य कीमती सामान चोरी किए जाने की बात सामने आई है।
2010 में जीता था पंचायत समिति सदस्य का चुनाव
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अवधेश कुमार भुईयां का राजनीतिक अतीत भी रहा है। 2010 में उसने नौडीहा बाजार के नामुदाग क्षेत्र से पंचायत समिति सदस्य का चुनाव जीता था।इसके बाद 2015 में सीट महिला आरक्षित हो गई। इसी दौरान उसकी पत्नी ने चुनाव लड़ा, लेकिन वह चुनाव हार गई।
पुलिस के मुताबिक चुनाव हारने के बाद अवधेश के पास रोजगार का कोई स्थायी साधन नहीं रहा और बाद में उसने कथित तौर पर चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया।हालांकि, आरोपी के चोरी में शामिल होने और बरामद सामान की वास्तविक स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
50 लाख से ज्यादा का सामान बरामद करने का दावा
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है। बरामद सामान में कंप्यूटर, प्रिंटर, CPU, लैपटॉप, इन्वर्टर, बैटरी, होम थिएटर, लेमिनेशन मशीन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।पुलिस का दावा है कि बरामद सामग्री की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक है। पुलिस अब बरामद सामान के संबंध में अलग-अलग मामलों और शिकायतों को जोड़कर जांच कर रही है।
एसपी बोले- कई कांडों का हुआ खुलासा
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी कथित तौर पर सरकारी कार्यालयों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। कार्रवाई के दौरान कई मामलों का खुलासा हुआ है।एसपी के मुताबिक पुलिस को पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।छापेमारी की कार्रवाई में नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार समेत पुलिस के कई अधिकारी और जवान शामिल रहे।
अब पुलिस खंगाल रही चोरी का पूरा नेटवर्क
एक पूर्व पंचायत प्रतिनिधि के चोरी के मामलों में गिरफ्तार होने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी संस्थानों से चोरी किए गए सामान को कहां और किसे बेचा जाता था।फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामान के आधार पर पुलिस चोरी की अन्य घटनाओं से भी इनके संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।








