बिहार की सियासत में एक ही परिवार के दो MLC भाई, पिता रह चुके हैं विधायक और मंत्री, 1057 वोटों से छोटे भाई ने दर्ज की जीत
राजीव कुमार और डॉ. संजीव कुमार अब बिहार विधान परिषद में साथ निभाएंगे जिम्मेदारी, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से संजीव ने बीजेपी के नवल किशोर यादव को हराया

पटना। बिहार की राजनीति में एक ही परिवार के दो सगे भाई अब विधान परिषद में सदस्य के रूप में साथ नजर आएंगे। पूर्व विधायक और मंत्री रामानंद प्रसाद सिंह के बेटे राजीव कुमार और डॉ. संजीव कुमार की मौजूदगी से राज्य की सियासत में एक बार फिर इस परिवार की चर्चा तेज हो गई है। बड़े भाई राजीव कुमार पहले से विधान परिषद के सदस्य हैं, जबकि छोटे भाई डॉ. संजीव कुमार ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर सदन में अपनी जगह बनाई है।
डॉ. संजीव कुमार ने इस चुनाव में बीजेपी के मौजूदा विधान पार्षद नवल किशोर यादव को हराया। चुनाव परिणाम के मुताबिक, संजीव कुमार को कुल 4487 वोट मिले, जबकि नवल किशोर यादव को 3430 वोट प्राप्त हुए। इस तरह संजीव कुमार ने 1057 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। अब दोनों भाइयों के एक साथ विधान परिषद में रहने से बिहार की राजनीति में उनके परिवार की भूमिका फिर चर्चा में है।
1057 वोटों से संजीव कुमार ने दर्ज की जीत
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में डॉ. संजीव कुमार को आरजेडी का समर्थन प्राप्त था। उनका मुकाबला बीजेपी के मौजूदा विधान पार्षद नवल किशोर यादव से हुआ। मतगणना के बाद संजीव कुमार को 4487 वोट मिलने की जानकारी सामने आई, जबकि नवल किशोर यादव को 3430 वोट मिले।
दोनों उम्मीदवारों के बीच 1057 वोटों का अंतर रहा। इस जीत के साथ डॉ. संजीव कुमार ने विधान परिषद में अपनी जगह बनाई। चुनाव परिणाम को उनके राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले भी वह विधानसभा और विधान परिषद के चुनावों में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं।
विधायक रह चुके हैं डॉ. संजीव कुमार
डॉ. संजीव कुमार का बिहार की राजनीति से पुराना जुड़ाव रहा है। वह खगड़िया जिले की परबत्ता विधानसभा सीट से जनता दल यूनाइटेड के विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिल सकी।
इससे पहले वर्ष 2015 में उन्होंने बेगूसराय-खगड़िया स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद का चुनाव भी लड़ा था। उस समय उन्हें सफलता नहीं मिली थी। अब पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल करने के बाद वह फिर विधान परिषद पहुंच गए हैं।
उनके राजनीतिक सफर में विधानसभा और विधान परिषद, दोनों के चुनाव शामिल रहे हैं। हालिया जीत के बाद अब उनकी भूमिका विधान परिषद में होगी, जहां वह अपने बड़े भाई राजीव कुमार के साथ सदस्य के रूप में मौजूद रहेंगे।
2022 में कांग्रेस के टिकट पर जीते थे राजीव कुमार
डॉ. संजीव कुमार के बड़े भाई राजीव कुमार वर्ष 2022 में कांग्रेस के टिकट पर विधान परिषद के सदस्य चुने गए थे। उन्होंने बेगूसराय-खगड़िया स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ते हुए बीजेपी के उम्मीदवार रजनीश कुमार को हराया था।
अब छोटे भाई की जीत के बाद दोनों सगे भाई बिहार विधान परिषद में एक साथ सदस्य के रूप में नजर आएंगे। दोनों की राजनीतिक पृष्ठभूमि और अलग-अलग चुनावी सफर के कारण इस घटनाक्रम को बिहार की सियासत में खास तौर पर देखा जा रहा है।
पिता रामानंद प्रसाद सिंह भी रह चुके हैं विधायक और मंत्री
राजीव कुमार और डॉ. संजीव कुमार के पिता रामानंद प्रसाद सिंह का भी बिहार की राजनीति में लंबा सफर रहा। वह परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुने गए थे और बिहार सरकार में मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके थे।
10 मई 2025 को रामानंद प्रसाद सिंह का निधन हो गया था। उनके राजनीतिक जीवन का प्रभाव परिवार की पहचान से जुड़ा रहा है। अब उनके दोनों बेटे विधान परिषद के सदस्य के रूप में अपनी राजनीतिक भूमिका निभा रहे हैं।
बिहार विधान परिषद में दो सगे भाइयों की मौजूदगी ने इस परिवार को फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। संजीव कुमार की हालिया जीत और राजीव कुमार का पहले से सदस्य होना इस घटनाक्रम के प्रमुख पहलू हैं।









