सिपाहियों की बंपर भर्ती: 60000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की होगी भर्ती, विधानसभा में हुआ ऐलान, SSG सहित इन पदों पर होगी नियुक्तियां
Bumper recruitment of constables: Over 60,000 policemen will be recruited, announced in the Assembly, appointments will be made to these posts including SSG.

60 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती होने वाली है। विधानसभा में इस बात की घोषणा की गयी है। पुलिस नियुक्तियों, बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल, अभया ब्रिगेड और फॉरेंसिक विश्वविद्यालय की स्थापना जैसे बड़े कदमों की घोषणा की है। सरकार का उद्देश्य अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।
Police Vacancy । पुलिसकर्मियों की बंपर भर्ती होने वाली है। 60 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती होने वाली है। सदन में इस बात की घोषणा की गयी है। बिहार सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिसिंग के क्षेत्र में व्यापक सुधारों और बड़े पैमाने पर नियुक्तियों का खाका पेश किया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा में गृह विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान भविष्य की पुलिसिंग का विस्तृत रोडमैप सामने रखा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण के मुद्दे पर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। सरकार की घोषणा के अनुसार, राज्य में 60 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति जल्द शुरू की जाएगी और मार्च 2027 तक यह प्रक्रिया हर हाल मंज पूरी कर ली जाएगी। सरकार का मानना है कि तेजी से हो रहे औद्योगिकीकरण और शहरी विस्तार के मद्देनजर विधि-व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाना समय की आवश्यकता है।
नियुक्तियों में सिपाहियों के पद प्रमुख
गृहमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित नियुक्तियों में 31 हजार पद सिपाहियों के होंगे। इसके अतिरिक्त बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल के लिए 13,500 पद और सैप (स्पेशल ऑक्ज़िलियरी पुलिस) के 1,700 पद शामिल किए गए हैं। इन नियुक्तियों से राज्य के पुलिस बल की क्षमता और तैनाती में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
सरकार ने अग्निवीरों के लिए पुलिस भर्ती में विशेष आरक्षण का प्रावधान लागू करने की भी घोषणा की है। इसके साथ ही केंद्र की तर्ज पर स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (SSG) और स्पेशल बम निरोधक दस्ता गठित करने की योजना भी प्रस्तुत की गई।
बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल का गठन
राज्य में उद्योगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तर्ज पर बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल का गठन किया जाएगा। इस बल का कार्यक्षेत्र विशेष रूप से औद्योगिक इकाइयों, कारखानों और महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सुरक्षा तक सीमित रहेगा।
सरकार का मानना है कि निवेश और उद्योगों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना आर्थिक विकास का आधार है।इसके साथ ही राज्य में नेशनल फॉरेंसिक विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में भी पहल की जाएगी, जिससे अपराध जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ सके।
महिला सुरक्षा के लिए अभया ब्रिगेड
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने विशेष महिला बटालियन ‘अभया ब्रिगेड’ के गठन की घोषणा की है। इस बटालियन में शामिल महिला पुलिसकर्मी ‘पुलिस दीदी’ के नाम से जानी जाएंगी। अभया ब्रिगेड को स्कूलों और कॉलेजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
इस पहल के तहत 1,500 स्कूटी और 2,500 मोटरसाइकिल की खरीद की जा रही है, ताकि महिला पुलिस बल की गतिशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाई जा सके। गृहमंत्री ने कहा कि महिला अपराधों पर सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी गई है।
जनता दरबार और पुलिस लाइन में सुविधाएं
सरकार ने प्रत्येक थाने में नियमित जनता दरबार आयोजित करने की व्यवस्था करने की घोषणा की है, जहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नागरिकों की समस्याएं सुनेंगे। इससे पुलिस और आम जनता के बीच संवाद और विश्वास को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
इसके अलावा, राज्य की सभी 40 पुलिस लाइनों में भोजन व्यवस्था जीविका रसोई को सौंपने की योजना है। पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए हर पुलिस लाइन में एक-एक विद्यालय खोला जाएगा, जिससे शिक्षा संबंधी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।
अग्निशमन सेवा में एआई तकनीक
अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए एआई तकनीक के उपयोग और फायर इंजीनियरिंग सेल के गठन की घोषणा भी की गई है। सरकार का लक्ष्य आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।









