Breaking :- लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में बड़ा हादसा: बिजली पोल गिरने और करंट की अफवाह से मची भगदड़, 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई गंभीर
Breaking: Major tragedy at Lakhisarai's Ashok Dham Temple; stampede triggered by the collapse of an electricity pole and rumors of electrocution leaves 8 devotees dead and several critically injured.

लखीसराय (बिहार): बिहार के ऐतिहासिक इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोक धाम) के पास सोमवार (17 अगस्त) की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। मंदिर परिसर के पास मची भगदड़ में दबने से 8 महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।
कैसे हुआ हादसा
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह अशोक धाम हाल्ट पर एक ही समय में दोनों तरफ से ट्रेनें आकर रुकीं। ट्रेनों से भारी संख्या में श्रद्धालु उतरे। इसी बीच भीड़ में मौजूद कुछ युवकों ने तेजी से भाग-दौड़ शुरू कर दी।
हड़बड़ी और भीड़ के दबाव के कारण वहां मौजूद बिजली का एक पोल नीचे गिर गया। पोल गिरते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच ‘करंट फैलने’ की अफवाह उड़ गई।
बिजली आपूर्ति थी बंद, अफवाह ने ली जान
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि मौत का कारण करंट लगना नहीं, बल्कि अफवाह के बाद मची भगदड़ है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि हादसे के समय इलाके की बिजली आपूर्ति बंद थी और तार पूरी तरह कवर किए हुए थे। हालांकि, 11 हजार वोल्ट का तार गिरने और करंट फैलने की झूठी खबर से श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे और इसी अफरा-तफरी में कई श्रद्धालु नीचे गिरकर दब गए।
राहत एवं बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के सहयोग से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
- घायलों का इलाज: सभी 9 गंभीर रूप से घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल और सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- उच्चस्तरीय जांच के आदेश: स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और घायलों को समुचित इलाज मुहैया कराया जा रहा है।






