CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर देशभर में सियासी संग्राम! केजरीवाल से लेकर ममता बनर्जी और पिनाराई विजयन तक, कई नेताओं की हिरासत से मचा हड़कंप

दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा सख्त, मुंबई और चंडीगढ़ में भी पुलिस की कार्रवाई; चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन को विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन, कांग्रेस ने बनाई दूरी।

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले देश के कई शहरों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। दिल्ली में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी, वहीं मुंबई और चंडीगढ़ में भी प्रदर्शन से जुड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। इस कार्रवाई के बाद चुनाव आयोग की जवाबदेही और विरोध प्रदर्शन की अनुमति को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को विपक्ष के कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिलने की बात कही गई है। हालांकि, कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी। प्रदर्शन से पहले और उसके दौरान दिल्ली, चंडीगढ़ तथा मुंबई में पुलिस की कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई।

दिल्ली पहुंचते ही कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक हिरासत में

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से दिल्ली पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। इससे पहले गुरुग्राम में यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिए जाने की खबर बताई गई।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया से जुड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आईं। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन के नाम भी हिरासत में लिए गए नेताओं में बताए गए। सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को लेकर भी हिरासत की जानकारी सामने आई।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन समेत अन्य विपक्षी नेताओं के हिरासत में लिए जाने की खबरों ने इस घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया। हालांकि, इन सभी नेताओं की हिरासत से जुड़ी परिस्थितियों और कानूनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

चंडीगढ़ में मनीष सिसोदिया समेत AAP नेताओं पर कार्रवाई

चंडीगढ़ में भी चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और पंजाब के कई नेताओं को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर एकत्र हुए थे और चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की ओर से सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश किए जाने के बाद हस्तक्षेप किया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा और आम आदमी पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी शामिल बताए गए। इस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस की भूमिका चर्चा के केंद्र में आ गई है।

मुंबई में तुषार गांधी और फीरोज मिथिबोरवाला हिरासत में

मुंबई में अगस्त क्रांति मैदान पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी और फीरोज मिथिबोरवाला को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध के समर्थन में किया जाना था।

तुषार गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्टर साझा कर लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई में उन्हें हिरासत में लेकर संबंधित थाने ले जाए जाने की बात कही गई। मुंबई में हुई इस कार्रवाई ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित विरोध को लेकर बहस तेज कर दी।

चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर बढ़ा राजनीतिक तनाव

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब कई शहरों तक पहुंच गया है। प्रदर्शन का समर्थन करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की मांग है कि चुनाव आयोग की भूमिका और जवाबदेही पर सवालों का जवाब दिया जाए। वहीं, पुलिस की कार्रवाई के बाद विरोध प्रदर्शन के अधिकार, सुरक्षा व्यवस्था और हिरासत की परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल, इस घटनाक्रम में अलग-अलग शहरों में हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या, उनकी रिहाई की स्थिति और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के विस्तृत आधार की पुष्टि जरूरी है। इस मामले पर आगे होने वाली राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और प्रशासनिक कदमों पर सबकी नजर बनी हुई है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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