झारखंड से अचानक गायब हुए 8 लोग, छह दिन का नवजात भी शामिल; 2022 से लापता लोगों की तलाश में CID ने देशभर में जारी किया अलर्ट
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लापता होने के मामलों में CID ने ह्यू एंड क्राई नोटिस जारी किया। तस्वीरों, उम्र, कद, कपड़ों और पहचान के निशानों का विवरण पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाया गया, ताकि दूसरे राज्यों में भी तलाश तेज की जा सके।

रांची। झारखंड से लापता आठ लोगों का सुराग पाने के लिए अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने तलाश का दायरा बढ़ा दिया है। इन लोगों की तस्वीरों और पहचान से जुड़ी जानकारियों के साथ ह्यू एंड क्राई (Hue and Cry) नोटिस जारी किया गया है। इसके जरिए राज्य के विभिन्न पुलिस अधिकारियों के साथ रेलवे पुलिस और वायरलेस विभाग तक सूचना पहुंचाई गई है, ताकि दूसरे जिलों और राज्यों में भी इन लोगों की पहचान कर उन्हें खोजने में मदद मिल सके।
CID की ओर से जारी नोटिस में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की जानकारी शामिल है। सबसे चिंताजनक मामलों में पाकुड़ जिले से लापता छह दिन का नवजात बच्चा भी शामिल है। सूची में कुछ लोग वर्ष 2022 और 2023 से लापता हैं, जबकि अन्य के मामले वर्ष 2025 और 2026 के हैं। लंबे समय से कोई सुराग नहीं मिलने के कारण पुलिस ने इनकी जानकारी व्यापक स्तर पर साझा की है।
तस्वीर से लेकर कपड़ों तक का पूरा ब्योरा साझा
नोटिस में लापता लोगों के नाम और तस्वीरों के साथ उनकी उम्र, कद, रंग-रूप, लापता होने की तारीख और उस समय पहने गए कपड़ों का विवरण दिया गया है। कुछ मामलों में शरीर पर मौजूद पहचान के निशान और शारीरिक स्थिति से जुड़ी जानकारी भी शामिल की गई है।
इन विवरणों के आधार पर पुलिस दूसरे क्षेत्रों में मिले किसी व्यक्ति की पहचान का मिलान कर सकती है। यदि किसी जिले या राज्य में इन लोगों से मिलता-जुलता कोई व्यक्ति मिलता है, तो संबंधित पुलिस अधिकारी नोटिस में दी गई जानकारी के जरिए पहचान की पुष्टि करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकते हैं।
2022 से लापता किशोर समेत कई मामलों की तलाश
CID की सूची में गुमला, बोकारो, जमशेदपुर और पाकुड़ से जुड़े मामले शामिल हैं। गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र से दिव्यांश नाम का किशोर वर्ष 2022 में लापता हुआ था। वहीं, बोकारो जिले से निरंजन सिंह और रितेश कुमार साव उर्फ बंटी के लापता होने के मामले वर्ष 2023 के हैं।
बोकारो से संतोष कुमार के लापता होने की तारीख 27 अगस्त 2025 दर्ज की गई है। जमशेदपुर के सुंदरनगर क्षेत्र से मुख्तार अहमद और राम सिरका के लापता होने का विवरण भी नोटिस में शामिल है। इसके अलावा पाकुड़ जिले से छह दिन के नवजात बच्चे के लापता होने का मामला दर्ज है।
सूची में बोकारो जिले की पालानी देवी का नाम भी शामिल है। उनके लापता होने की तारीख 15 जुलाई 2026 बताई गई है। अलग-अलग समय पर लापता हुए इन लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस के बीच उनकी पहचान से जुड़ी जानकारी साझा की गई है।
IG, DIG, जिला पुलिस और रेलवे पुलिस तक पहुंची सूचना
CID एडीजी मनोज कौशिक की ओर से जारी पत्र के माध्यम से झारखंड के जोनल आईजी, रेंज डीआईजी और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को लापता लोगों का विवरण भेजा गया है। इसके अलावा रेलवे पुलिस और वायरलेस विभाग के अधिकारियों को भी जानकारी उपलब्ध कराने की पहल की गई है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि यदि इनमें से कोई व्यक्ति झारखंड से बाहर या किसी दूसरे क्षेत्र में मिलता है, तो स्थानीय पुलिस उपलब्ध विवरण के आधार पर पहचान की जांच कर सके और संबंधित अधिकारियों को सूचना दे सके।
CID की इस पहल से लापता लोगों की तलाश को राज्य की सीमाओं से बाहर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। अब इन लोगों के बारे में साझा की गई जानकारी के आधार पर विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय के जरिए सुराग जुटाने की कोशिश की जाएगी।









