दिल्ली में ममता बनर्जी हिरासत में! बस स्टॉप पर धरने के बीच पुलिस की बड़ी कार्रवाई, TMC के 5 नेताओं को भी उठाया; CEC के खिलाफ प्रदर्शन से गरमाई सियासत
साउथ एवेन्यू बस स्टॉप पर धरना दे रही थीं ममता बनर्जी, पूर्व सांसद साकेत गोखले ने दिल्ली पुलिस और CRPF पर हिरासत में लेने का आरोप लगाया। वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों और SIR रोकने की मांग को लेकर जारी है विरोध।

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को साउथ एवेन्यू बस स्टॉप पर धरना देने के दौरान हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद साकेत गोखले के मुताबिक, ममता बनर्जी के साथ पार्टी के पांच अन्य नेताओं को भी दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने हिरासत में लिया। इस घटनाक्रम के बाद चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी तनाव बढ़ गया है।
साकेत गोखले ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि ममता बनर्जी और उनके साथ मौजूद पांच लोगों को उनके आवास के बाहर से हिरासत में लिया गया। उनके अनुसार, सभी को एक कैदी वाहन में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा था। गोखले ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे भारत में लोकतंत्र की मौत करार दिया। हालांकि, हिरासत की परिस्थितियों और पुलिस की ओर से कार्रवाई के आधार की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के बीच कार्रवाई
ममता बनर्जी की हिरासत की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को रोकने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं। इन्हीं आरोपों को लेकर CJP चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन चला रही है।
बताया गया है कि ममता बनर्जी ने भी इस प्रदर्शन में शामिल होने के संकेत दिए थे। दिल्ली में उनके धरने और उसके बाद हिरासत में लिए जाने की खबर ने आंदोलन को राजनीतिक रूप से और संवेदनशील बना दिया है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर आगे क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर भी नजर बनी हुई है।
CJP ने जारी किया अभिजीत दीपके का रिकॉर्डेड वीडियो
इस बीच CJP ने अपने संस्थापक अभिजीत दीपके का पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो जारी किया है। वीडियो में दीपके कहते नजर आते हैं कि उनकी हिरासत के बाद आंदोलन की कमान अजिंक्य शिंदे संभालेंगे। यह वीडियो ऐसे वक्त जारी किया गया है, जब दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।
CJP का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए और SIR प्रक्रिया रोकी जानी चाहिए। पार्टी के इस रुख के चलते चुनाव आयोग की जवाबदेही और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
अभिजीत दीपके को दादी के निधन की सूचना
अभिजीत दीपके से जुड़ा एक और घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पुलिस ने उन्हें उनकी दादी के निधन की जानकारी दे दी है। अब दीपके को तय करना है कि वे आंदोलन जारी रखने के लिए हिरासत में रहेंगे या महाराष्ट्र स्थित अपने घर लौटकर दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
इस घटनाक्रम ने प्रदर्शन के बीच एक भावनात्मक मोड़ भी जोड़ दिया है। हालांकि, दीपके के अंतिम निर्णय और उनकी हिरासत की मौजूदा स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है।
फिलहाल, ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के पांच नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर ने दिल्ली की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। CEC के इस्तीफे, SIR रोकने की मांग और पुलिस कार्रवाई को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।









