देवघर: कैशबैक के झांसे में करोड़ों की ठगी, 4 साइबर ठग गिरफ्तार, फर्जी कस्टमर केयर से फोनपे–पेटीएम यूजर्स को बना रहे थे निशाना
Deoghar: 4 cyber fraudsters arrested for allegedly duping PhonePe and Paytm users with fake customer care, allegedly duping them of crores of rupees in the name of cashback.

देवघर पुलिस ने 4 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी ग्राहक सेवा केंद्र, सरकारी अधिकारी और बैंक प्रतिनिधि बनकर लोगों से ठगी करते थे।
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देवघर। साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। देवघर साइबर थाना की टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए चार शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो अलग-अलग तरीकों से लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बना रहे थे। दरअसल पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग संगठित तरीके से साइबर ठगी में लिप्त हैं। सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी कर चारों आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सावन कुमार दास (23 वर्ष), चंदन कुमार दास (29 वर्ष), पिंकू कुमार दास (26 वर्ष) और करण दास (31 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी आरोपी देवघर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं।पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन और 6 सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जा रहा था।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जी ग्राहक सेवा केंद्र और सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।ये ठग विशेष रूप से फोनपे और पेटीएम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाते थे। वे कैशबैक का लालच देकर लोगों से जानकारी लेते और फिर उनके खातों से पैसे उड़ा लेते थे।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों को फर्जी लिंक भेजकर उनकी बैंकिंग जानकारी हासिल की जाती थी।इतना ही नहीं, आरोपी खुद को फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताकर लोन दिलाने का झांसा देते थे। कई मामलों में ये लोग एयरटेल पेमेंट बैंक और एयरटेल थैंक्स ऐप के नाम पर भी लोगों को भ्रमित कर बैंक कार्ड एक्टिवेट कराने के बहाने ठगी करते थे। गिफ्ट कार्ड बनवाकर उसे भुनाना भी इनके ठगी के प्रमुख तरीकों में शामिल था।
इस पूरे अभियान में साइबर थाना के साथ-साथ परगड्डा ओपी और देवघर थाना पुलिस की टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि उनके नेटवर्क और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित साइबर ठगी गिरोह है, जिसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।









