अगले साल से बदल जायेगा NEET-UG का परीक्षा पैटर्न, प्रस्ताव बनकर तैयार, एग्जाम पैटर्न के अलावे उम्र सीमा व प्रयास सीमा में नये नियम

The NEET-UG exam pattern will change from next year, with a proposal ready, including new rules regarding the exam pattern, age limit, and attempt limit.

नयी दिल्ली। अगले साल से NEET-UG की परीक्षा में बड़ा बदलाव हो सकता है। परीक्षा के पैटर्न में बदलाव को लेकर प्रस्ताव तैयार है, बस सरकार की मंजूरी का इंतजार है। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार अगले साल से NEET-UG को कंप्यूटर आधारित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही परीक्षा को कई चरणों में कराने, प्रयासों की सीमा तय करने और अधिकतम उम्र सीमा लागू करने जैसे अहम सुझावों पर भी जल्द फैसला हो सकता है।

बताया जा रहा है कि साल 2024 में हुए पेपर लीक विवाद के बाद से ही केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय अब परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि अगले साल से NEET-UG की परीक्षा कंप्यूटर आधारित (Computer Based Test) हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, पेपर लीक मामले के बाद गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों पर अब गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सरकार पहले ही परीक्षा को ऑनलाइन माध्यम से कराने का संकेत दे चुकी है। वहीं अब परीक्षा को कई चरणों और सत्रों में आयोजित करने, परीक्षा में प्रयासों की सीमा तय करने और अधिकतम उम्र सीमा लागू करने जैसे सुझावों पर भी फैसला जल्द लिया जा सकता है।

संसदीय समिति के सामने रखी गई रिपोर्ट
मिली जानकारी के मुताबिक हाल ही में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों ने संसदीय समिति के सामने पेश होकर NEET-UG पेपर लीक मामले और सुधारों को लेकर जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि डॉ. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने परीक्षा सुधार को लेकर कई अहम सुझाव दिए हैं।
इन सुझावों में सबसे प्रमुख परीक्षा को पेन-पेपर मोड से हटाकर कंप्यूटर आधारित करना है। इसके अलावा परीक्षा को एक से अधिक चरणों और सत्रों में कराने का प्रस्ताव भी दिया गया है। समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि परीक्षा में शामिल होने के प्रयासों की अधिकतम संख्या और उम्र सीमा तय की जानी चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्रालय के पास लंबित हैं प्रस्ताव
इन सिफारिशों को अंतिम मंजूरी के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के पास भेजा गया है। क्योंकि मेडिकल कोर्सों में प्रवेश से जुड़ी NEET-UG परीक्षा स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन आती है और परीक्षा के मानक तय करने का अधिकार भी उसी के पास है। NTA केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप परीक्षा आयोजित करता है। सूत्रों के अनुसार शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच इस विषय पर कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। अब माना जा रहा है कि पेपर लीक विवाद के बाद सुधारों को लेकर सरकार जल्द निर्णय ले सकती है।

उम्र और प्रयास सीमा तय होने पर घट सकते हैं आवेदक
जानकारों की मानें तो यदि NEET-UG में प्रयासों की अधिकतम सीमा और उम्र सीमा लागू कर दी जाती है, तो परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या में कमी आ सकती है।फिलहाल इस परीक्षा में हर वर्ष लगभग 22 से 23 लाख छात्र शामिल होते हैं। अभी परीक्षा देने के प्रयासों की कोई सीमा तय नहीं है। ऐसे में कई छात्र पांच से अधिक बार भी परीक्षा देते हैं।इसी तरह परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष तय है, लेकिन अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। यही वजह है कि 50 से 60 वर्ष तक के लोग भी आवेदन करते रहे हैं।

JEE Main और NEET-UG साथ कराने पर भी विचार
उच्चस्तरीय समिति ने दीर्घकालिक सुधारों के तहत JEE Main और NEET-UG को एक साथ आयोजित करने का सुझाव भी दिया है। NTA ने संसदीय समिति को बताया कि इस दिशा में प्रारंभिक स्तर पर मंथन शुरू किया गया है।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था में ऐसा करना आसान नहीं होगा। क्योंकि बड़ी संख्या में छात्र 12वीं में मैथ्स और बायोलॉजी दोनों विषय लेकर पढ़ाई करते हैं और वे JEE Main तथा NEET-UG दोनों परीक्षाओं में शामिल होते हैं। बाद में बेहतर रैंक के आधार पर छात्र इंजीनियरिंग या मेडिकल क्षेत्र का चयन करते हैं।

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