बकरीद को लेकर झारखंड में हाई अलर्ट, स्पेशल ब्रांच ने सभी जिलों को जारी किए सख्त निर्देश, पढ़िये किन पर रहेगी नजर…
Jharkhand on high alert for Bakrid; Special Branch issues strict instructions to all districts; read who will be under surveillance...

रांची। बकरीद पर्व को लेकर झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने पूरे राज्य में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। सभी जिलों के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भेजे गए निर्देश में त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिशों पर नजर रखने और पशु तस्करी पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
स्पेशल ब्रांच ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि इस वर्ष बकरीद का पर्व 28 मई को मनाया जाना संभावित है। हालांकि चांद दिखने के आधार पर तारीख में बदलाव भी हो सकता है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को पहले से पूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है।
सड़क पर नमाज और भीड़ को लेकर अलर्ट
स्पेशल ब्रांच ने कहा है कि बकरीद के मौके पर बड़ी संख्या में लोग मस्जिदों और ईदगाहों में सामूहिक नमाज अदा करने पहुंचते हैं। कई जगहों पर भीड़ अधिक होने के कारण सड़कों पर भी नमाज पढ़ी जाती है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।इसी को ध्यान में रखते हुए जिलों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे स्थानों की पहले से पहचान कर ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।
पशु तस्करी और अवैध बूचड़खानों पर विशेष नजर
स्पेशल ब्रांच ने अपने अलर्ट में यह भी कहा है कि बकरीद के दौरान बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से सड़क मार्ग के जरिए अवैध पशु और ऊंटों की तस्करी की आशंका बनी रहती है।इसको लेकर अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष चेकिंग अभियान चलाने, संदिग्ध वाहनों की निगरानी करने और पशु तस्करों की सूची तैयार करने को कहा गया है। साथ ही राज्य के अवैध बूचड़खानों और उनके संचालकों की गतिविधियों पर भी नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
पुराने सांप्रदायिक तनाव का भी जिक्र
स्पेशल ब्रांच ने अपने पत्र में पूर्व में बकरीद के दौरान हुई सांप्रदायिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है। पत्र में वर्ष 2020 में हजारीबाग, 2017 में गिरिडीह तथा 2018 में बोकारो और पाकुड़ में हुए तनाव का हवाला दिया गया है।विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कीमत पर दोबारा वैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।
सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर
बकरीद के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट को लेकर भी पुलिस अलर्ट मोड में है। स्पेशल ब्रांच ने फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।ऐसे ग्रुप और अकाउंट्स की पहचान करने को कहा गया है जो धार्मिक भावनाएं भड़काने, नफरत फैलाने या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का काम करते हैं। जरूरत पड़ने पर उनके एडमिन और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं।
शांति समिति की बैठकें होंगी अहम
सभी थाना प्रभारियों और जिला प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, धार्मिक नेताओं और गणमान्य लोगों को शामिल कर आपसी समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया है।स्पेशल ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि जो लोग पहले दंगा, सांप्रदायिक घटनाओं या अफवाह फैलाने के मामलों में शामिल रहे हैं, उन पर विशेष निगरानी रखी जाए। जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की जाए।









