डिजिटल दौर में न भूलें डेबिट कार्ड का यह बड़ा फायदा, मिलता है लाखों का मुफ्त दुर्घटना बीमा; जानें जरूरी नियम

Don't overlook this major benefit of debit cards in the digital age: free accident insurance worth lakhs; know the essential rules.

नई दिल्ली: आज के डिजिटल युग में लगभग हर व्यक्ति के पास बैंक अकाउंट और डेबिट कार्ड (एटीएम कार्ड) मौजूद है। हालांकि, जब से देश में डिजिटल लेनदेन और UPI का चलन बढ़ा है, तब से लोगों ने जेब में डेबिट कार्ड रखना या उसका इस्तेमाल करना काफी कम कर दिया है। आज भी अधिकांश लोगों को यही लगता है कि डेबिट कार्ड का काम सिर्फ एटीएम मशीन से पैसे निकालना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके बैंक खाते में मौजूद इस प्लास्टिक कार्ड के साथ आपको लाखों रुपये का मुफ्त दुर्घटना बीमा (Accidental Insurance) भी मिलता है?

​जी हां, अधिकांश लोग इस बेहद महत्वपूर्ण सुविधा से अनजान हैं। आइए जानते हैं कि यह इंश्योरेंस कवर कैसे काम करता है और इसका लाभ उठाने के लिए कौन सी शर्तें पूरी करनी जरूरी हैं।

​कार्ड के प्रकार पर निर्भर करती है बीमा राशि

​आजकल बैंकों द्वारा ग्राहकों को Visa, RuPay और MasterCard जैसे विभिन्न पेमेंट गेटवे के डेबिट कार्ड जारी किए जाते हैं। इन सभी कार्ड्स पर एक्सीडेंटल इंश्योरेंस की सुविधा मिलती है। हालांकि, बीमा की यह राशि आपके कार्ड के प्रकार और उसके वेरिएंट (क्लासिक, प्लेटिनम, सिग्नेचर आदि) पर निर्भर करती है:

  • सामान्य कार्ड: आमतौर पर बेसिक या सामान्य डेबिट कार्ड पर 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलता है।
  • प्रीमियम कार्ड: यदि आपके पास कोई प्रीमियम या ऊपरी वेरिएंट का कार्ड है, तो यह इंश्योरेंस कवर कई लाख रुपये तक का हो सकता है।

​केवल एटीएम से पैसे निकालना ही ‘इस्तेमाल’ नहीं है

​कई लोगों के मन में यह गलतफहमी होती है कि कार्ड के इस्तेमाल का मतलब सिर्फ कैश निकालना है। लेकिन ऐसा नहीं है। इंश्योरेंस के नियमों के तहत यदि आप एटीएम पर जाकर बैलेंस चेक करते हैं या मिनी स्टेटमेंट निकालते हैं, तो उसे भी कार्ड का एक्टिव इस्तेमाल माना जाता है। इसके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग या पीओएस (POS) मशीन पर स्वाइप करना भी इसमें शामिल है।

​सावधान! UPI के चक्कर में बंद न करें कार्ड का उपयोग

​इंश्योरेंस क्लेम पाने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि दुर्घटना से पहले आपका डेबिट कार्ड एक्टिव होना चाहिए। नियमों के मुताबिक, दुर्घटना की तारीख से पहले एक तय समय सीमा (आमतौर पर 90 दिनों के भीतर) कार्ड से कम से कम एक बार लेनदेन या कोई गतिविधि होना अनिवार्य है।
​आजकल लोग डेबिट कार्ड को UPI से लिंक करने के बाद कार्ड को घर पर ही छोड़ देते हैं और उसका सीधा इस्तेमाल बंद कर देते हैं। ऐसी स्थिति में यदि कार्ड 90 दिनों तक निष्क्रिय (Inactive) रहता है, तो जरूरत पड़ने पर परिवार को बीमा क्लेम लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है या क्लेम खारिज भी हो सकता है।

​मुश्किल समय में परिवार का बन सकता है आर्थिक सहारा

​हादसे कभी बताकर नहीं आते। यदि किसी कार्डधारक की किसी दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो सभी पात्रताएं और शर्तें पूरी होने पर उसके परिवार या नामांकित व्यक्ति (Nominee) को यह बीमा राशि दी जाती है। दुख की घड़ी में यह रकम परिवार के लिए एक बड़ा आर्थिक सहारा बन सकती है।

​क्या करें कार्डधारक?

​हर बैंक और हर कार्ड नेटवर्क (Visa/RuPay/MasterCard) के नियम व शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए आज ही अपने बैंक की शाखा से संपर्क करें या उनकी वेबसाइट पर जाकर यह जरूर जांचें कि:

  • ​आपके मौजूदा डेबिट कार्ड पर कितना बीमा कवर मिल रहा है?
  • ​क्लेम को एक्टिव रखने के लिए न्यूनतम कितने दिनों में कार्ड का इस्तेमाल जरूरी है?

सलाह: अपने डेबिट कार्ड को पूरी तरह न भूलें, हर महीने या दो महीने में इससे कम से कम एक बार कोई न कोई एक्टिविटी (जैसे बैलेंस चेक करना या मिनी स्टेटमेंट निकालना) जरूर करते रहें, ताकि संकट के समय आपके परिवार को इसका लाभ मिल सके।

Chauhan

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