ड्रोन दीदी योजना: अब खेतों में उड़ेगा महिला सशक्तीकरण का नया विमान, जानें कैसे उठाएं फायदा
Drone Didi Yojana: Now a new aircraft of women empowerment will fly in the fields, know how to take advantage

भारत सरकार की ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ ग्रामीण महिलाओं के जीवन में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि भारतीय कृषि को आधुनिक और हाईटेक बनाने में भी बड़ी भूमिका निभा रही है।
अगर आप या आपके क्षेत्र का कोई महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) इस योजना का लाभ उठाना चाहता है, तो यहाँ जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया और जरूरी पात्रता:
नमो ड्रोन दीदी योजना: आवेदन कैसे करें?
वर्तमान में इस योजना के लिए आवेदन मुख्य रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से शॉर्टलिस्टिंग के जरिए होता है। सीधे आवेदन के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
नोडल एजेंसी से संपर्क: सबसे पहले अपने क्षेत्र के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) या जिला कृषि विभाग के कार्यालय में जाएं।
लखपति दीदी / SHG डेटाबेस: यदि आप पहले से किसी मान्यता प्राप्त स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हैं, तो अपने समूह के लीडर के जरिए ‘आजीविका’ (National Rural Livelihoods Mission – NRLM) पोर्टल पर अपना नाम आगे बढ़ाएं।
वेबसाइट पर नजर रखें: सरकार द्वारा समय-समय पर इसके आधिकारिक कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के पोर्टल या राज्य स्तरीय आजीविका मिशन की वेबसाइटों पर आवेदन लिंक एक्टिव किए जाते हैं।
दस्तावेज जमा करें: फॉर्म के साथ सभी जरूरी दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, SHG रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, और मोबाइल नंबर) अटैच करके सबमिट करें।
योजना का लाभ उठाने के लिए पात्रता (Eligibility)
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- लिंग व निवास: आवेदक का महिला होना और भारत के ग्रामीण इलाके का निवासी होना अनिवार्य है।
- आयु सीमा: महिला की उम्र 18 से 37 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता: ड्रोन उड़ाने और तकनीकी चीजें सीखने के लिए महिला का कम से कम 10वीं कक्षा पास होना जरूरी है।
- समूह से जुड़ाव: प्राथमिकता उन महिलाओं को दी जाती है जो किसी न किसी रजिस्टर्ड महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) की सक्रिय सदस्य हैं।
मिलने वाले बंपर फायदे: एक नजर में
- 80% तक की भारी सब्सिडी: ड्रोन और उसके पूरे उपकरणों (Components) की खरीद पर सरकार 80% (अधिकतम 8 लाख रुपये तक) की सब्सिडी दे रही है। बाकी बची 20% रकम के लिए बेहद आसान किस्तों पर बैंक लोन की सुविधा दी जाती है।
- 15 दिनों की फ्री ट्रेनिंग: चयनित महिलाओं को 15 दिनों की प्रोफेशनल ड्रोन पायलट ट्रेनिंग और खेतों में छिड़काव का कोर्स पूरी तरह मुफ्त कराया जाता है। कोर्स पूरा होने पर रजिस्टर्ड ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट भी मिलता है।
- हर महीने ₹25,000 तक कमाई: ट्रेनिंग के बाद ये ‘ड्रोन दीदियां’ अपने और आस-पास के गांवों के खेतों में किराए पर ड्रोन चलाकर हर महीने 15,000 से 25,000 रुपये तक की शानदार कमाई कर सकती हैं।
- समय और पैसों की बचत: पारंपरिक तरीके से जिस खेत में घंटों लगते थे, ड्रोन से वहां फर्टिलाइजर और कीटनाशकों का छिड़काव मात्र 10 से 15 मिनट में हो जाता है। इससे पानी और महंगी दवाओं की भी भारी बचत होती है।
यह योजना ग्रामीण भारत की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और खेती को स्मार्ट बनाने की दिशा में एक बेहद प्रभावी कदम है।









