FD बनेगी बुढ़ापे की लाठी! सीनियर सिटीजन को इस बैंक में मिल रहा 8.50% तक ब्याज, पैसा लगाने से पहले देखें पूरी लिस्ट

Senior Citizen FD: रिटायरमेंट के बाद अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित रखते हुए उस पर नियमित रिटर्न पाना हर किसी की प्राथमिकता होती है। ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD सीनियर सिटीजन के लिए एक आसान विकल्प हो सकती है। खास बात यह है कि कई बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में ज्यादा ब्याज देते हैं। कुछ मामलों में यह अतिरिक्त ब्याज 25 से 75 बेसिस पॉइंट तक हो सकता है।
यही वजह है कि FD कराने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करना बेहद जरूरी है। आपके दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक सीनियर सिटीजन को 8 फीसदी से ज्यादा ब्याज दे रहे हैं।
पहले समझिए बेसिस पॉइंट क्या होता है?
ब्याज दर में छोटे अंतर को समझने के लिए बेसिस पॉइंट का इस्तेमाल किया जाता है। 100 बेसिस पॉइंट यानी 1 फीसदी होता है। इसी तरह 25 बेसिस पॉइंट का मतलब 0.25 फीसदी और 75 बेसिस पॉइंट का मतलब 0.75 फीसदी अतिरिक्त ब्याज है।
लंबी अवधि की FD में ब्याज दर का यह छोटा अंतर भी कुल रिटर्न में फर्क डाल सकता है।
किस बैंक में कितना ब्याज मिल रहा है?
पैसा बाजार के आंकड़ों के अनुसार, सीनियर सिटीजन के लिए अधिकतम FD ब्याज दरों में ये बैंक शामिल हैं:
| बैंक | अधिकतम ब्याज दर |
|---|---|
| इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.50% तक |
| ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.50% तक |
| जन स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.30% तक |
| DCB बैंक | 8.00% तक |
| बंधन बैंक | 7.95% तक |
| AU स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.90% तक |
| बैंक ऑफ इंडिया | 7.45% तक |
| इंडियन बैंक | 7.15% तक |
| केनरा बैंक | 7.10% तक |
ध्यान रखें: ये संबंधित बैंकों की अधिकतम बताई गई दरें हैं। वास्तविक ब्याज दर FD की अवधि, योजना और अन्य शर्तों के आधार पर अलग हो सकती है।
सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर FD न चुनें
FD चुनते समय केवल ब्याज दर को देखना सही नहीं है। सबसे पहले यह तय करें कि आपको अपना पैसा कितने समय के लिए जमा करना है। इसके बाद उस अवधि के लिए अलग-अलग बैंकों की ब्याज दर और शर्तों की तुलना करनी चाहिए।
इसके अलावा FD को समय से पहले तोड़ने पर मिलने वाले ब्याज और लागू होने वाले नियमों को भी समझना जरूरी है।
FD की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
FD का एक बड़ा फायदा यह है कि इसमें पैसा जमा करने के बाद रिटर्न के लिए रोजाना बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखने की जरूरत नहीं होती। शेयर बाजार जैसे निवेश विकल्पों के विपरीत FD में ब्याज दर पहले से तय होती है और निर्धारित अवधि पूरी होने पर निवेशक को तय नियमों के अनुसार रिटर्न मिलता है।
रिटायरमेंट के बाद अपनी बचत को एक निश्चित अवधि के लिए जमा करके अपेक्षाकृत अनुमानित रिटर्न हासिल करना चाहने वाले निवेशकों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।
सरकारी बैंक या स्मॉल फाइनेंस बैंक—कहां लगाएं पैसा?
सीनियर सिटीजन के लिए FD की ब्याज दर हर बैंक में एक जैसी नहीं होती। सरकारी, निजी, विदेशी और स्मॉल फाइनेंस बैंक अलग-अलग दरों और शर्तों पर FD की पेशकश कर सकते हैं।
इसलिए पैसा जमा करने से पहले ब्याज दर, FD की अवधि, समय से पहले निकासी के नियम और बैंक की अन्य शर्तों की अच्छी तरह जांच कर लेना चाहिए।
निवेश से पहले एक जरूरी बात
FD को आम तौर पर सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है, लेकिन बैंक जमा पर लागू डिपॉजिट इंश्योरेंस सीमा और नियमों को भी ध्यान में रखना चाहिए। साथ ही ऊपर दी गई ब्याज दरें अधिकतम दरें हैं; FD खोलने से पहले संबंधित बैंक की मौजूदा दर और पात्रता जरूर जांच लें।
यानी रिटायरमेंट की जमा पूंजी को FD में लगाने का फैसला सिर्फ “कहां सबसे ज्यादा ब्याज मिल रहा है” देखकर नहीं, बल्कि ब्याज के साथ अवधि, शर्तों और सुरक्षा को ध्यान में रखकर करना ज्यादा समझदारी होगी।









