कान्हा की नगरी से योगी की हुंकार- ‘बाबर-औरंगजेब के अनुयायियों’ के मंसूबे नहीं होंगे कामयाब, सरकार देगी करारा जवाब!

जन्माष्टमी पर मथुरा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आस्था और विरासत के सम्मान के साथ विकास भी जरूरी है। उन्होंने अयोध्या के विकास से लेकर मथुरा-वृंदावन के कायाकल्प तक सरकार की योजनाओं का जिक्र किया।

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा पहुंचे। कान्हा और योगमाया के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने आस्था, विरासत, सुरक्षा और विकास से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी आस्था भगवान श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी में है और सरकार पूरी श्रद्धा के साथ इन आराध्यों को नमन करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में है, क्या वे दूसरों की आस्था का सम्मान कर पाएंगे?

योगी बोले- फिर विष घोलने की कोशिश कर सकते हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी समाज में फिर से विष घोलने का प्रयास कर सकते हैं। उनके मुताबिक, कुछ लोगों की आदत समाज में विषमता और वैमनस्य पैदा करने की रही है, जिससे समाज विरोधी और राष्ट्र विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने, महिलाओं की सुरक्षा को चुनौती देने और किसानों की खुशहाली को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ऐसे मंसूबों को कभी पूरा नहीं होने देगी।

‘आस्था के साथ विकास भी उतना ही जरूरी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए आस्था जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी अपनी विरासत के सम्मान को विकास से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और उन्हें अपने आराध्य के दर्शन के दौरान किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

‘एक समय सरकारें यहां आने से डरती थीं’

योगी आदित्यनाथ ने मथुरा की पुरानी स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब सरकारें यहां आने से डरती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकारों के लिए शासन चलाने से ज्यादा वोट बैंक की चिंता महत्वपूर्ण थी।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले ब्रजभूमि में ऐसी घटनाएं होती थीं, जिससे इस पवित्र भूमि की गरिमा प्रभावित होती थी। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।

उन्होंने कहा कि आज ब्रजभूमि की पहचान जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रज रथोत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे भव्य आयोजनों से हो रही है।

अयोध्या का उदाहरण देकर गिनाईं उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय अयोध्या रेलवे की सिंगल लाइन से जुड़ी थी और श्रद्धालुओं को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बड़े पर्वों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं को पहले जैसी अव्यवस्थाओं का सामना नहीं करना पड़ता।

योगी ने कहा कि अयोध्या में बेहतर कनेक्टिविटी विकसित हुई है। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, फोर-लेन सड़कें, डबल रेलवे लाइन और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर मार्गों का विकास किया गया है।

‘500 साल बाद फिर भव्य मंदिर में विराजमान हैं रामलला’

मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 500 वर्ष पहले विदेशी आक्रांताओं ने भारत की आस्था और सनातन परंपरा को समाप्त करने का प्रयास किया था, लेकिन सनातन आस्था समाप्त नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन चुका है और लंबे इंतजार के बाद रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को यह अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन राम में आस्था रखने वाले लोग इस बदलाव को गौरव के रूप में देखते हैं।

विंध्यवासिनी धाम की तर्ज पर मथुरा-वृंदावन को भव्य बनाने की तैयारी

योगमाया के दर्शन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें मां विंध्यवासिनी धाम की भी याद आती है। उन्होंने बताया कि विंध्यवासिनी धाम को भी भव्य परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ब्रज तीर्थ विकास परिषद स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य कर रही है।

सरकार का प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी अयोध्या और काशी की तरह भव्य और दिव्य धार्मिक परिसर विकसित किए जाएं।

‘किसी श्रद्धालु की आस्था से कोई संघर्ष न हो’

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि किसी श्रद्धालु को परेशानी न हो और उसकी आस्था के साथ किसी तरह का संघर्ष न हो।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालु सहजता से आए, अपने आराध्य के दर्शन करे और घर लौटते समय भगवान का आशीर्वाद लेकर जाए।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, धार्मिक आस्था को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

त्योहार सिर्फ आस्था नहीं, अर्थव्यवस्था का भी आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व और त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं।

इन आयोजनों से दुकानदार, कारीगर, हस्तशिल्पी, उद्यमी और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को रोजगार और कारोबार के अवसर मिलते हैं।

उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग अपनी भूमिका निभाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहा है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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