झारखंड: गोवा अग्निकांड में मृत 25 लोगों में झारखंड के तीन युवाओं की भी गयी जान, मृतकों में दो भाई समेत तीन युवा शामिल, एयरपोर्ट पर शव देख…
Jharkhand: Three youths from Jharkhand were among the 25 killed in the Goa fire. The deceased included three youths, including two brothers. The bodies were seen at the airport...

Jharkhand News : नये साल के पहले गोवा में हुई भीषण त्रासदी में झारखंड के भी तीन युवाओं की जान चली गयी। गोवा गये तीन युवकों की जान जलने की वजह से हो गयी। इस घटना में कुल 25 युवाओं की मौत हुई है। दरअसल गोवा के एक नाइट क्लब में गैस सिलेंडर फटने से लगी भीषण आग में झारखंड के तीन युवा—प्रदीप महतो, विनोद महतो और मोहित मुंडा—की दर्दनाक मौत हो गई।
तीनों के पार्थिव शरीर रांची लाए गए, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। राज्यभर में शोक की लहर है और परिवार न्याय व मुआवजे की मांग कर रहे हैं।ये तीनों युवक कुछ महीनों पहले ही रोजगार की तलाश में गोवा गए थे और वहां एक रेस्टोरेंट में शेफ और कुकिंग स्टाफ के रूप में काम कर रहे थे। तीनों के पार्थिव शरीर विशेष विमान से रांची एयरपोर्ट लाए गए। जैसे ही एंबुलेंस के दरवाजे खुले, परिजनों की चीख-पुकार ने पूरे परिसर को गमगीन कर दिया।
परिजनों के मुताबिक मृतकों में दो सगे भाई—प्रदीप महतो (24) और विनोद महतो (22) शामिल हैं, जो रांची जिले के लापुंग प्रखंड के फतेहपुर गांव के रहने वाले थे। दोनों धनेश्वर महतो के बेटे थे। तीसरे मृतक मोहित मुंडा (22), खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड के गोविंदपुर गांव से थे।परिजनों के अनुसार, प्रदीप और विनोद परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना लेकर गोवा गए थे।
वहीं मोहित अपने भाई की पढ़ाई में मदद करने और घर खर्च चलाने के लिए नौकरी कर रहा था। लेकिन एक हादसे ने तीनों के सपनों को खत्म कर दिया। फतेहपुर और गोविंदपुर गांव में घर-घर रोशनी की जगह अंधेरा छाया हुआ है और हर किसी की आंखें नम हैं।रांची एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता पहुंचे।
पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यह केवल तीन परिवारों का नहीं, पूरे झारखंड का दर्द है। सरकार को तत्काल आर्थिक सहायता और उचित जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।”प्रदीप और विनोद के चाचा नारायण महतो ने रोते हुए कहा, “मेरे दोनों भतीजे एक साथ चले गए। वे परिवार को संभालने बाहर गए थे, लेकिन आज उनका शव घर आ रहा है।” इसी तरह मोहित मुंडा के परिजन भी एयरपोर्ट पर बेसुध रोते दिखे।
गोवा पुलिस ने बताया कि आग लगने का कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन प्रारंभिक जांच में फायर सेफ्टी में गंभीर लापरवाही के संकेत मिले हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नाइट क्लब में पर्याप्त आपातकालीन निकास नहीं थे, जिसके कारण कई लोग बाहर नहीं निकल पाए।









