झारखंड: “बाबूलाल मरांडी पर दर्ज हो FIR” सोशल मीडिया पर ऐसा क्या लिख दिया नेता प्रतिपक्ष ने ? बौखलायी झामुमो बोली, इन पर तो मामला दर्ज होना चाहिये
Jharkhand: "File an FIR against Babulal Marandi!" What did the Leader of the Opposition write on social media that angered the JMM so much? The JMM, furious, said, "A case should be registered against him."

रांची। बाबूलाल मरांडी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग झामुमो ने की है। बाबूलाल मरांडी ने एक सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसके बाद पूरा विवाद गहराया है। पूरा मामला ईडी कार्यालय में पुलिस की कार्रवाई को लेकर है।
जिसे लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के सोशल मीडिया पोस्ट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ी आपत्ति जताई है। झामुमो नेताओं ने इसे भड़काऊ बताते हुए बाबूलाल मरांडी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय को @ranchipolice द्वारा घेरने की सूचना प्राप्त हो रही है। ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM एवं पुलिस-प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामलों से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। आशंका है कि…
— Babulal Marandi (@yourBabulal) January 15, 2026
झामुमो ने इस पोस्ट को उकसाने वाला और संवेदनशील बताया है और बाबूलाल मरांडी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।दरअसल, ईडी अधिकारियों के खिलाफ एयरपोर्ट थाना में मारपीट से जुड़ा एक एफआईआर दर्ज कराया गया था।
इसी एफआईआर की जांच के सिलसिले में गुरुवार को रांची पुलिस की एक टीम ईडी कार्यालय पहुंची थी। इसी कार्रवाई को लेकर बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया, जिसने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया।
बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि ईडी कार्यालय में हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने आशंका जताई कि पुलिस की कार्रवाई की आड़ में इन अहम दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है या उन्हें नष्ट करने का प्रयास हो सकता है।
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए लिखा कि वे झारखंड को “बंगाल नहीं बनने देंगे।” इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए रांची स्थित ईडी कार्यालय पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की।
इस पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बाबूलाल मरांडी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मरांडी का यह बयान न सिर्फ आपत्तिजनक है, बल्कि राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा करने वाला है।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि क्या बाबूलाल मरांडी जानबूझकर राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच मतभेद और संघर्ष कराना चाहते हैं? उन्होंने रांची पुलिस से मांग की कि इस तरह के भड़काऊ बयान देने पर बाबूलाल मरांडी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने भाजपा की आंतरिक राजनीति पर भी तंज कसते हुए कहा कि हाल ही में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा के दौरान पार्टी कई गुटों में बंटी नजर आई। उन्होंने कहा कि मंच पर दिए गए भाषणों से ही यह स्पष्ट हो गया था कि भाजपा के भीतर एकजुटता की कमी है।
इसके अलावा झामुमो महासचिव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होने को राज्य के लिए गर्व की बात बताया। उन्होंने कहा कि यह राज्य और देश के लिए सम्मान की बात है और इसका सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में देखने को मिलेगा।
सुप्रियो भट्टाचार्य के अनुसार, मुख्यमंत्री की पूर्व यूरोप यात्रा का ही परिणाम है कि उन्हें दावोस जैसे वैश्विक मंच पर भागीदारी का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यूरोपियन यूनियन के साथ बेहतर संबंध बनने से झारखंड के विकास के लिए नए वैश्विक रास्ते खुल रहे हैं और वर्ष 2047 तक झारखंड देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल होगा।









