झारखंड: जज ने ही मरवाई थी अपनी पत्नी को गोली, पुलिस ने किया खुलासा, पति को बताया पूरी वारदात का मास्टरमाईंड
Jharkhand: Judge had his wife shot dead, police reveal, identifying the husband as the mastermind behind the entire crime.

Jharkhand News: जज की पत्नी पर हुई गोलीबारी में बड़ा ही चौकाने वाला खुलासा हुआ है। पत्नी की हत्या की साजिश खुद जज ने ही रची थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पथरगामा थाना क्षेत्र की पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल केस का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि महिला की हत्या के लिए 2 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।
दो दिन पहले गोड्डा जिले के ग्राम गांधी चौक पर सरेआम बिहार के एक जज की पत्नी वंदना कुमारी को गोली मारी गयी थी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।
गंभीर रूप से घायल वंदना कुमारी को आनन-फानन में भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था।
गोड्डा एसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। जांच टीम ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस बिहार के भागलपुर जिले तक पहुंची, जहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भागलपुर जिले के कहलगांव थाना क्षेत्र निवासी श्याम कुमार साह, सुबोध कुमार साह और मो. आरिफ के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वंदना कुमारी और उनके पति संतोष कुमार साह के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। यह मामला गोड्डा परिवार न्यायालय में विचाराधीन था।
संतोष कुमार साह, जो पेशे से जज हैं, अपनी पत्नी से छुटकारा पाना चाहते थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने आरोपियों को 2 लाख रुपये की सुपारी दी थी और पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी।
आरोपियों ने स्वीकार किया कि 17 जनवरी को तय योजना के तहत उन्होंने वंदना कुमारी की हत्या के इरादे से गांधी चौक पर उन पर गोली चलाई। हालांकि गोली जानलेवा साबित नहीं हो सकी और महिला की जान बच गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता की भूमिका को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं था।
इस घटना ने न सिर्फ गोड्डा बल्कि पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था और पारिवारिक विवादों के खतरनाक परिणामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









