झारखंड- मंत्री जी, मुझे बचा लीजिए…” गोली से घायल अमन बर्मन का हाथ थामकर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दिया भरोसा — “मैं तुम्हारे साथ हूं।
Jharkhand- Minister ji, please save me…” Holding the hand of Aman Barman, who was injured by bullet, Jharkhand Health Minister Dr. Irfan Ansari assured him – “I am with you.

जामताड़ा। डकैती के दौरान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल अमन बर्मन की हालत गंभीर है। अमन बर्मन का हालचाल जानने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी दुर्गापुर पहुंचे। उन्होंने इलाज में किसी भी तरह की कमी न आने देने का भरोसा दिलाया और डॉक्टरों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्री के अचानक अस्पताल पहुंचने की खबर मिलते ही अमन बर्मन के परिजनों में उम्मीद की एक नई किरण जगी। आईसीयू में भर्ती अमन मंत्री को देखकर भावुक हो गया। मुलाकात के दौरान अमन ने कांपते हाथों से मंत्री का हाथ थामा और अपनी जान बचाने की गुहार लगाई। इस पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उसे ढांढस बंधाते हुए कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार पूरी मजबूती से उसके साथ खड़ी है और इलाज में किसी भी तरह की कोताही नहीं होने दी जाएगी।
डॉक्टरों के साथ की विस्तृत समीक्षा बैठक
अमन से मुलाकात के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अमन की मेडिकल रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया और इलाज की मौजूदा स्थिति, आगे की संभावनाओं और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. अंसारी ने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि उपचार पूरी गंभीरता, सतर्कता और सर्वोत्तम चिकित्सा मानकों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीज की जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
परिजनों को दिया भरोसा
इस दौरान अमन के पिता अजित बर्मन और अन्य परिजन भी स्वास्थ्य मंत्री से मिले। बेटे की गंभीर हालत देखकर पिता भावुक हो उठे और हाथ जोड़कर उसकी जान बचाने की अपील की। परिजनों की पीड़ा को समझते हुए मंत्री ने उन्हें सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि उनके रहते किसी भी हाल में इलाज में कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चाहे आर्थिक सहायता हो या प्रशासनिक सहयोग, राज्य सरकार हर स्तर पर परिवार के साथ खड़ी रहेगी।
फिलहाल खतरे से बाहर, लेकिन चिंता बनी हुई
डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल अमन बर्मन की हालत खतरे से बाहर है, जो राहत की बात है। हालांकि गोली लगने के कारण उसके पैर के निचले हिस्से में मूवमेंट नहीं होना चिकित्सकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। डॉक्टरों ने बताया कि आगे की स्थिति विस्तृत जांच और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अमन को बेहतर और उन्नत इलाज के लिए किसी बड़े चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की भी तैयारी की जा रही है।









