झारखंड: बेटे की खातिर मां ने चढ़ायी बेटी की बलि, हजारीबाग हत्याकांड में सनसनीखेज दावे, कलियुगी मां की ऐसी कहानी, जो ना कभी सुनी और ना जानी, पढ़िये
Jharkhand: Mother sacrifices daughter for son, sensational claims in Hazaribagh murder case, a story of a Kaliyuga mother never heard or known before, read on.

विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंबा गांव में नाबालिग बच्ची की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर मां सहित तीन लोग गिरफ्तार।
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हजारीबाग: बेटे की जान बचाने के लिए मां ने बेटी की ही बलि चढ़ा दी। हजारीबाग जिले में जिस किसी ने भी घटना के बारे में सुना, वो सन्न रह गया। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर एक मां ने अपनी ही नाबालिग बेटी की बलि दे दी। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कुसुंबा में हुई इस जघन्य हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मामले में बच्ची की मां समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस के अनुसार, मृतका की मां रेशमी देवी, गांव के ही भीम राम और शांति देवी उर्फ भगतिनी को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।
एसआईटी जांच में हुआ खुलासा
घटना की गंभीरता को देखते हुए झारखंड पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। इस टीम का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी नागरगोजे शुभम भाउसाहेब कर रहे थे। जांच के दौरान जब पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की, तो पूरी साजिश का खुलासा हुआ।पूछताछ में सामने आया कि मृतका की मां पिछले एक वर्ष से अपने बेटे की शारीरिक और मानसिक बीमारी को लेकर परेशान थी। वह इलाज के लिए शांति देवी उर्फ भगतिनी के पास जाती थी, जो तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का दावा करती थी।
‘नरबलि’ का दिया गया सुझाव
भगतिनी ने रेशमी देवी को बताया कि उसके बेटे की बीमारी तभी ठीक होगी जब किसी कुंवारी लड़की की बलि दी जाएगी। उसने यह भी कहा कि उसकी छोटी बेटी “देवी का रूप” है और उसकी बलि देना सबसे प्रभावी होगा। अंधविश्वास में डूबी मां इस बात के लिए तैयार हो गई।रामनवमी के अष्टमी के दिन इस कृत्य को अंजाम देने की योजना बनाई गई। 24 मार्च की रात बच्ची को पूजा के बहाने भगतिनी के घर लाया गया, जहां तंत्र-मंत्र की प्रक्रिया शुरू की गई।
निर्ममता की सारी हदें पार
पुलिस के मुताबिक, बच्ची को पहले मंदिर में बैठाकर पूजा की गई, फिर उसे सुनसान जगह पर ले जाकर जमीन पर लिटा दिया गया। इसके बाद भीम राम ने बच्ची का गला घोंट दिया। मौत की पुष्टि होने के बाद आरोपियों ने उसके शव के साथ बर्बरता की और तंत्र-मंत्र के तहत खून का इस्तेमाल भी किया।एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म या अंग-भंग की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई।
अवैध संबंध और सामाजिक पृष्ठभूमि
जांच में यह भी सामने आया कि भीम राम और रेशमी देवी के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे। परिवार पर भीम राम का प्रभाव था और बच्चे भी उसे पिता के रूप में देखते थे।हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि परिवार की संलिप्तता को देखते हुए मुआवजे की राशि फिलहाल रोक दी गई है। वहीं पुलिस इस मामले में स्पीडी ट्रायल की तैयारी कर रही है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।









