Jharkhand SIR: वोटर लिस्ट से नाम हट गया तो घबराने की जरूरत नहीं! सुनवाई में मिलेगा अपना पक्ष रखने का मौका, ये दस्तावेज आएंगे काम
SIR के दौरान प्रारंभिक मतदाता सूची से हटाए गए नामों पर ERO भेज रहे नोटिस; तय तारीख पर अंचल कार्यालय पहुंचकर दस्तावेजों के साथ रखना होगा अपना पक्ष

रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान प्रारंभिक मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके लिए राहत की खबर है। ऐसे मतदाताओं को अपनी बात रखने का मौका दिया जा रहा है। संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिसमें नाम हटाए जाने की तारीख और स्थान की जानकारी दी जा रही है।
नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाताओं को तय तारीख और समय पर अंचल कार्यालय पहुंचकर उपलब्ध दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखना होगा।
2003 की वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो क्या करें?
जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन के अनुसार, ऐसे मतदाता जिनके माता-पिता उपलब्ध नहीं हैं और जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची में भी दर्ज नहीं है, वे वंशावली के माध्यम से अपने माता-पिता और रिश्तेदारों की जानकारी जुटाकर संबंधित प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता अपनी नागरिकता से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज भी सुनवाई के दौरान पेश कर सकते हैं।
दूसरे राज्य से झारखंड आए लोगों को भी मिलेगा मौका
दूसरे राज्यों से झारखंड आकर बसे मतदाताओं के लिए भी अपने पूर्व राज्य से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का विकल्प दिया गया है।
इनमें स्थायी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा वर्तमान स्थायी निवासी प्रमाण पत्र भी अंचल कार्यालय यानी CO के माध्यम से बनवाकर वंशावली के साथ जमा किया जा सकता है।
200 मतदाताओं को बुलाया गया, 140 पहुंचे
प्रशासन के अनुसार, SIR के तहत नोटिस पाने वाले मतदाताओं की संख्या अब धीरे-धीरे कम हो रही है। गुरुवार को सुनवाई के लिए 200 मतदाताओं को समय दिया गया था, जिनमें से 140 लोग उपस्थित हुए।
प्रशासन ने संबंधित मतदाताओं से अपील की है कि नोटिस में दी गई तारीख और समय पर अंचल कार्यालय पहुंचें और अपने पक्ष में उपलब्ध दस्तावेज जरूर साथ लेकर जाएं।
जरूरी प्रमाण पत्र बनवाने की ऑनलाइन सुविधा
SIR की प्रक्रिया के दौरान जरूरी दस्तावेज जुटाने में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए जाति, आय, स्थानीय निवासी और EWS प्रमाण पत्र बनवाने की ऑनलाइन सुविधा तीन महीने तक जारी रहेगी।
इस सुविधा का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मतदाता भी उठा सकते हैं और आवश्यकता के अनुसार अपने प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं।
लंबित आवेदनों के बीच ऑफलाइन आवेदन को भी मंजूरी
प्रशासनिक स्तर पर इन प्रमाण पत्रों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण लंबित मामलों का दबाव बढ़ गया था। आवेदकों को समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने और प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई है।
नोटिस मिला है तो सबसे पहले करें ये काम
SIR के दौरान जिन मतदाताओं को नाम हटाए जाने संबंधी नोटिस मिला है, उनके लिए सबसे जरूरी है कि वे नोटिस में दी गई तारीख पर अंचल कार्यालय पहुंचें। साथ ही अपने नाम, परिवार, निवास और नागरिकता से संबंधित जो भी वैध प्रमाण उपलब्ध हों, उन्हें साथ लेकर जाएं।
सुनवाई के दौरान दस्तावेजों और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। इसलिए नोटिस मिलने के बाद घबराने के बजाय तय प्रक्रिया के अनुसार समय पर उपस्थित होना महत्वपूर्ण है।









