Ranchi Janmashtami: आज अलबर्ट एक्का चौक पर गूंजेगा ‘नमो दही हांडी’ का जयघोष! राज्यपाल करेंगे उद्घाटन, लाखों के इनाम पर गोविंदाओं की नजर
दो दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव का पहला दिन बाल गोपाल प्रतियोगिता और भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से रहा खास; आज महिला और पुरुष गोविंदा दिखाएंगे दमखम

रांची: राजधानी रांची के अलबर्ट एक्का चौक पर जन्माष्टमी महोत्सव का उल्लास चरम पर पहुंचने वाला है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव समिति की ओर से आयोजित दो दिवसीय आयोजन के पहले दिन श्रीकृष्ण झांकी सह बाल गोपाल प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। 2 से 12 वर्ष तक के 150 से अधिक बच्चों ने कृष्ण और बाल गोपाल के रूप में अपनी प्रस्तुतियां दीं।
महोत्सव का उद्घाटन मुख्य संरक्षक सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, संरक्षक सीपी सिंह, अजय मारू, अध्यक्ष मुकेश काबरा, मेयर रोशनी खलखो और उप महापौर नीरज कुमार समेत अन्य अतिथियों ने किया।
वंदे मातरम थीम में सजा अलबर्ट एक्का चौक
जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर अलबर्ट एक्का चौक को वंदे मातरम थीम पर सजाया गया है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर समिति की ओर से मोटे अनाज का भोग भी लगाया गया।
शाम होते ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। कन्हैया इवेंट के 40 से अधिक कलाकारों ने कृष्ण जन्मोत्सव, राधा-कृष्ण की लीला, महारास, फूलों की होली और शंकर-पार्वती के तांडव नृत्य की प्रस्तुति दी।
मथुरा, वृंदावन और कोलकाता से पहुंचे कलाकारों ने वंदे मातरम, रासलीला, नृत्य-नाटिका और भारत माता से जुड़ी प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
बाल गोपाल प्रतियोगिता में इन बच्चों ने मारी बाजी
बाल गोपाल प्रतियोगिता में बच्चों को उम्र के आधार पर अलग-अलग वर्गों में शामिल किया गया।
छह वर्ष से अधिक उम्र के वर्ग में अदिति ने पहला और अभिराज ने दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं 1 से 5 वर्ष के वर्ग में गर्व कुमार प्रथम और टीटू कुमार द्वितीय रहे।
बच्चों की आकर्षक वेशभूषा और कृष्ण के अलग-अलग रूपों ने आयोजन में पहुंचे लोगों का ध्यान खींचा।
मथुरा से आई राधा-कृष्ण की खास जोड़ी
इस बार महोत्सव में पहली बार प्रस्तुति देने के लिए मथुरा से आराध्या और शिवांश अपनी 15 सदस्यीय मंडली के साथ रांची पहुंचे हैं।
आराध्या पिछले 10 वर्षों से और शिवांश करीब पांच वर्षों से जन्माष्टमी के अवसर पर राधा-कृष्ण की भूमिका निभा रहे हैं। दोनों कलाकारों का कहना है कि राधा-कृष्ण की रासलीला में प्रस्तुति देना उनके लिए खास आध्यात्मिक अनुभव है।
आज दही हांडी में दिखेगा असली रोमांच
महोत्सव का दूसरा दिन दही हांडी प्रतियोगिता के नाम रहेगा। शनिवार शाम 3 बजे ‘नमो दही हांडी प्रतियोगिता’ का उद्घाटन राज्यपाल संतोष गंगवार करेंगे।
आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता में 18 वर्ष से कम उम्र के गोविंदा हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि दही हांडी की ऊंचाई तक कौन-सी टीम सबसे पहले पहुंचकर मटकी फोड़ने में कामयाब होती है।
महिला और पुरुष गोविंदाओं के लिए अलग पुरस्कार
प्रतियोगिता में पुरुष और महिला गोविंदा टीमों के लिए अलग-अलग पुरस्कार रखे गए हैं।
पुरुष वर्ग
- प्रथम पुरस्कार: ₹71,000
- द्वितीय पुरस्कार: ₹41,000
महिला वर्ग
- प्रथम पुरस्कार: ₹51,000
- द्वितीय पुरस्कार: ₹31,000
इन इनामी राशि को देखते हुए प्रतियोगिता में रोमांच और मुकाबला दोनों बढ़ने की उम्मीद है।
16 वर्षों से हो रहा ‘नमो दही हांडी’ का आयोजन
मुख्य संरक्षक संजय सेठ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण पूरे प्रदेश में सुख, समृद्धि और खुशहाली लाएं। उन्होंने बताया कि जनता के प्यार और आशीर्वाद से ‘नमो दही हांडी’ का आयोजन लगातार 16 वर्षों से किया जा रहा है।
समिति ने लोगों से बड़ी संख्या में अलबर्ट एक्का चौक पहुंचकर जन्माष्टमी महोत्सव और दही हांडी प्रतियोगिता का हिस्सा बनने की अपील की है।









