झारखंड शिक्षक भर्ती : हाईकोर्ट ने 97 सफल अभ्यर्थी को नियुक्ति देने का दिया निर्देश, अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद….

Jharkhand Teacher Recruitment: High Court directs appointment of 97 successful candidates, next hearing after two weeks....

रांची हाईकोर्ट ने सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 97 सफल अभ्यर्थियों के नाम तुरंत अनुशंसा करने और पात्र होने पर नियुक्ति देने का निर्देश दिया।
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रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने सहायक आचार्य (विज्ञान, कक्षा 6 से 8) नियुक्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सख्त रुख अपनाते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा कि जिन 97 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया जा चुका है, उनके नामों की अनुशंसा (recommendation) तुरंत की जाए और यदि वे अन्य सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करते हैं, तो उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किया जाए।

यह मामला महेंद्र रावानी और अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि परीक्षा में सफल घोषित किए जाने के बावजूद उनके नामों की अनुशंसा नहीं की गई और उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं मिली है। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने इसे गंभीर मामला माना और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कोर्ट को बताया कि कुल 97 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अब तक उनके नामों की अनुशंसा नहीं की गई है। उन्होंने दलील दी कि यह अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि आयोग को जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया जाए।

कोर्ट ने इस दलील को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कहा कि जब आयोग स्वयं इन अभ्यर्थियों के सफल होने की पुष्टि कर चुका है, तो उनके नामों की अनुशंसा में देरी का कोई औचित्य नहीं बनता। न्यायालय ने निर्देश दिया कि अनुशंसा की प्रक्रिया तुरंत पूरी की जाए और इसके बाद योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद सेन की पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान अन्य याचिकाकर्ताओं से जुड़े मामलों पर विस्तृत बहस के लिए समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है।

इस फैसले के बाद संबंधित अभ्यर्थियों में उम्मीद की नई किरण जगी है। लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों को अब राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है। वहीं, यह निर्णय भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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