मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना: अन्नदाताओं के लिए वरदान, हादसे की स्थिति में परिवार को मिलती है 5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद
Chief Minister's Farmers' Accident Welfare Scheme: A boon for farmers; families receive financial assistance of up to ₹5 lakh in the event of an accident.

खेतों में दिन-रात पसीना बहाने वाले किसान देश की रीढ़ हैं, लेकिन कई बार अनहोनी या दुर्घटना पूरे परिवार का भरण-पोषण करने वाले सहारे को छीन लेती है। ऐसे कठिन समय में उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना पीड़ित परिवारों के लिए एक बड़ा संबल बनकर सामने आती है। इस योजना के तहत पात्र किसानों या उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
किसे मिलता है इस योजना का लाभ?
इस योजना का दायरा सिर्फ जमीन के मुख्य मालिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई अन्य वर्ग भी शामिल हैं:
- जमीन के सह-खातेदार और हिस्सेदार किसान।
- पट्टे या बटाई (बटाईदार) पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसान।
- किसान परिवार के कमाने वाले पात्र अन्य सदस्य।
आयु सीमा: हादसे के वक्त संबंधित व्यक्ति की उम्र 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
नुकसान के आधार पर मिलने वाली सहायता राशि
सरकार ने दुर्घटना में होने वाले शारीरिक नुकसान या जनहानि के आधार पर मदद की राशि तय की है:
नुकसान का प्रकार और मिलने वाली सहायता राशि
- हादसे में मौत या पूर्ण शारीरिक अक्षमता :- 5 लाख रुपये तक
- दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखों का नुकसान :- 5 लाख रुपये तक
- एक हाथ, एक पैर या एक आंख का नुकसान :- 2.5 लाख रुपये तक
- अन्य प्रकार की स्थायी दिव्यांगता :- नियमों के अनुसार तय राशि
आवेदन के लिए जरूरी नियम और समयसीमा
योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि हादसे के 45 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होता है। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में जिलाधिकारी द्वारा इस समयसीमा को बढ़ाया जा सकता है। इसलिए दुर्घटना की स्थिति में बिना देर किए प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए।
आवेदन करने की प्रक्रिया (ऑनलाइन और ऑफलाइन)
ऑनलाइन आवेदन:
उत्तर प्रदेश के पात्र किसान या उनके कानूनी वारिस ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (e-District Portal) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर पंजीकरण कर योजना का चयन करना होगा, जरूरी जानकारियां भरनी होंगी और मांगे गए दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन के बाद रसीद सुरक्षित रख लें।
ऑफलाइन आवेदन:
यदि आप ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन आवेदन करना चाहते हैं, तो संबंधित तहसील कार्यालय से फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म भरकर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उसे जमा करना होगा। यदि मृतक किसान के एक से अधिक कानूनी वारिस हैं, तो सभी पात्र वारिसों को संयुक्त रूप से आवेदन करना होगा।
तहसील स्तर पर दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद, स्वीकृत होने पर सहायता राशि सीधे लाभार्थी या पात्र वारिस के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।









