रांची : “बच्चा घूम-घूमकर करता था रेकी, फिर रात में गैंग कर देता था माल साफ” पुलिस ने चोर गैंग का किया पर्दाफाश, चोरी का माल कबाड़ी को बेच….
Ranchi: "The child used to roam around and do recce, then at night the gang would steal the goods." Police exposed the gang of thieves, selling the stolen goods to a junk dealer....

रांची में एक बड़े चोर गैंग का खुलासा हुआ है। ये गैंग घरों में घुसकर चोरी की वारदात करता था और फिर सामान को बाजार में बेच देता था। गैंग में 12 साल के नाबालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो चोरी के सामान को कबाड़ी के जरिए बेचते थे।
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रांची। राजधानी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। लालपुर थाना क्षेत्र में लगातार चोरी की वारदात पर पुलिस ने नकेल कस दिया है। लालपुर पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने 12 साल के एक नाबालिग सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी कम उम्र का बच्चा ही इन चोरी की घटनाओं का मुख्य आरोपी निकला।
जानकारी के मुताबिक, लालपुर थाना क्षेत्र के पीएनटी कॉलोनी में हाल ही में एक घर में चोरी की घटना हुई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। पता चला कि मात्र 12 वर्षीय नाबालिग अकेले ही घरों की रेकी करता था और मौका मिलते ही सूने घरों में घुसकर चोरी को अंजाम देता था।
नाबालिग ने पीएनटी कॉलोनी स्थित एक घर में घुसकर कीमती जेवरात और मोबाइल फोन चोरी किए थे। इसके बाद चोरी के सामान को ठिकाने लगाने के लिए एक सुनियोजित नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी किए गए जेवरात को एक कबाड़ी दुकानदार को बेच दिया जाता था, जो इन सामानों को कम कीमत पर खरीदकर आगे बेचता था।
पुलिस ने कबाड़ी दुकानदार को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा चोरी के मोबाइल खरीदने वाले दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने दबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों में मुन्ना जायसवाल, उमंग कुमार साहू और सुजल कुमार के नाम शामिल हैं। इनके साथ ही नाबालिग आरोपी को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक-दो चोरी की घटनाओं तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा गिरोह भी सक्रिय हो सकता है। इसलिए पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या अन्य क्षेत्रों में हुई चोरी की घटनाओं में भी इन आरोपियों की संलिप्तता रही है।









