Sikkim Tunnel Tragedy: घर लौटे चार मजदूर… लेकिन तिरंगे में लिपटे शव, झारखंड के चार परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
तीस्ता स्टेज-6 परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे में अब तक 25 मजदूरों की मौत, झारखंड के हजारीबाग, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम के चार श्रमिकों के शव भेजे गए घर।

Ranchi: सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जल विद्युत परियोजना की सुरंग में हुए दर्दनाक हादसे ने झारखंड के चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। हादसे में जान गंवाने वाले झारखंड के चार मजदूरों के शव उनके पैतृक गांवों के लिए भेज दिए गए हैं। इस हादसे में अब तक 25 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
मृतकों में हजारीबाग के बरही निवासी जागेश्वर ठाकुर, खूंटी के रनिया प्रखंड निवासी कृष्णा साहू और विकास कंडुलना, तथा पश्चिमी सिंहभूम के बंदगांव निवासी मसीह बारजो शामिल हैं।
सबसे ज्यादा मातम खूंटी के रनिया प्रखंड में पसरा है, जहां एक ही इलाके के दो युवकों की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। कृष्णा साहू पिछले करीब तीन वर्षों से तीस्ता परियोजना में काम कर रहा था, जबकि विकास कंडुलना भी रोजगार की तलाश में सिक्किम गया था। परिजनों का कहना है कि बेहतर रोजी-रोटी की उम्मीद में दोनों घर से निकले थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वे तिरंगे में लिपटकर वापस लौटेंगे।
खूंटी के लेबर सुपरिटेंडेंट वाल्टर कुजूर ने बताया कि सरकार के प्रावधानों के तहत दोनों मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को झारखंड भेजा जा रहा है। एक मृतक का शव उसके पैतृक गांव पहुंच चुका है, जबकि दूसरे का शव भी रास्ते में है। प्रशासन लगातार परिजनों के संपर्क में है और अंतिम संस्कार की तैयारियों में सहयोग कर रहा है।
सिक्किम की इस भयावह सुरंग दुर्घटना ने एक बार फिर दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे झारखंड की नजर पीड़ित परिवारों को मिलने वाली सरकारी सहायता और हादसे की जांच पर टिकी हुई है।









