SSC प्रमोशनल परीक्षा में उठी पारदर्शिता पर उंगली: घंटों बंद रहे सिस्टम, अभ्यर्थियों का केंद्र पर प्रदर्शन और वॉकआउट
Concerns raised over transparency in SSC promotional exam: Systems down for hours; candidates staged protests and walked out at the center.

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली स्थित ‘आदर्श परीक्षा केंद्र’ में रविवार (23 अगस्त 2026) को कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित विभागीय पदोन्नति (प्रमोशनल) परीक्षा के दौरान भारी व्यवस्थागत खामियां सामने आई हैं। परीक्षा देने पहुंचे विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों और अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र पर तकनीकी अव्यवस्था, घंटों की देरी, उत्तर के अपने-आप चयनित होने तथा कथित रूप से नकल और प्रॉक्सी उम्मीदवारों की मौजूदगी जैसे कई संगीन आरोप लगाए हैं। कई अभ्यर्थियों ने विरोध जताते हुए परीक्षा केंद्र से वॉकआउट भी किया।
निर्धारित समय पर शुरू नहीं हुए कंप्यूटर, दोपहर तक ठप रहे सिस्टम
परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार अभ्यर्थियों को सुबह 8 बजे रिपोर्ट करना था। सुबह 9 बजे प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक परीक्षा आयोजित होनी थी। हालांकि, अभ्यर्थियों का आरोप है कि केंद्र के कई सिस्टम समय पर शुरू ही नहीं हो सके। कुछ कंप्यूटरों पर एक घंटे की देरी से लॉगिन प्रक्रिया शुरू हुई, जबकि कई परीक्षार्थियों के सिस्टम परीक्षा खत्म होने के समय तक चालू नहीं हो पाए। एक निराश अभ्यर्थी ने बताया कि सभी औपचारिकताओं के बावजूद दोपहर तक उनका कंप्यूटर शुरू नहीं हुआ, जिससे तंग आकर उन्हें परीक्षा छोड़ी पड़ी।
बिना क्लिक किए विकल्प सेलेक्ट होने का दावा, अधिकारियों से तीखी बहस
परीक्षा के दौरान एक और अजीबोगरीब तकनीकी गड़बड़ी की बात सामने आई है। अभ्यर्थियों का दावा है कि कंप्यूटर स्क्रीन पर बिना किसी क्लिक के उत्तर के विकल्प (ऑप्शन) अपने-आप सिलेक्ट हो रहे थे। इस घटनाक्रम के बाद अभ्यर्थियों और परीक्षा केंद्र के अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। अभ्यर्थियों का कहना है कि केंद्र प्रशासन ने उनकी शिकायतों का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला।
नकल और प्रॉक्सी उम्मीदवारों के आरोप, CCTV जांच की मांग
विभागीय परीक्षा की शुचिता पर सवाल उठाते हुए कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा हॉल के भीतर परीक्षार्थी एक-दूसरे को उत्तर बता रहे थे। इतना ही नहीं, कुछ कंप्यूटरों पर वास्तविक परीक्षार्थी की जगह किसी अन्य ‘प्रॉक्सी’ व्यक्ति के बैठने की आशंका जताई गई है। अभ्यर्थियों ने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए केंद्र में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज और तकनीकी लॉग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
करियर और प्रमोशन से जुड़ी थी परीक्षा, पारदर्शी जांच की मांग तेज
यह परीक्षा आम सीधी भर्ती की तुलना में काफी संवेदनशील मानी जा रही थी क्योंकि यह सरकारी कर्मचारियों की वर्षों से रुकी पदोन्नति से जुड़ी हुई थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय के इंतजार के बाद यह मौका मिला था, लेकिन तकनीकी विफलता के कारण उनका बहुमूल्य समय और प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। हालांकि कुछ परीक्षार्थियों को अतिरिक्त समय देकर परीक्षा पूरी कराने की बात कही गई, लेकिन कई अभ्यर्थी तकनीकी खामियों के कारण परीक्षा देने से पूरी तरह वंचित रह गए।
वर्तमान में ये सभी दावे और आरोप परीक्षार्थियों की ओर से लगाए गए हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व एजेंसी की जवाबदेही तय हो। इस पूरे घटनाक्रम पर कर्मचारी चयन आयोग (SSC) या आधिकारिक जांच एजेंसी की प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।







