झारखंड: गैंगरेप के दो आरोपियों को 20-20 साल की सजा, 10-10 हजार का जुर्माना भी, पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, मेडिकल एविडेंस व बयानों के आधार पर लिया फैसला
Jharkhand: Two gang rape accused sentenced to 20 years in prison and fined 10,000 each. The POCSO court made a significant decision based on medical evidence and statements.

रांची। नाबालिग से गैंगरेप मामले में दो आरोपियों को 20-20 साल की सजा सुनायी गयी है। पॉक्सो (Protection of Children from Sexual Offences Act) की विशेष अदालत ने जेल के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया है। आरोपी भी नाबालिग हैं, जिन्हें 20-20 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला सितंबर 2024 का है, जब नाबालिग पीड़िता ने अपने साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत लोअर बाजार थाना में दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि इनमें से छह आरोपी 16 वर्ष से कम उम्र के थे, जबकि दो आरोपियों की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच पाई गई।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, 16 वर्ष से कम उम्र के छह आरोपियों के मामलों की सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) में अलग से की जा रही है। वहीं, 16 से 18 वर्ष की आयु के दो किशोरों के मामले को गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए पॉक्सो की विशेष अदालत में चलाया गया। अभियोजन ने यह स्पष्ट किया कि आरोपियों ने संगठित रूप से इस अपराध को अंजाम दिया, जिससे पीड़िता को शारीरिक और मानसिक रूप से गहरा आघात पहुंचा।
अदालत ने गवाहों के बयानों और मेडिकल साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए अभियोजन पक्ष के तर्कों को स्वीकार किया।सभी तथ्यों और प्रमाणों पर विचार करने के बाद विशेष पॉक्सो कोर्ट ने दोनों किशोरों को दोषी ठहराया और उन्हें 20-20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह के अपराध न केवल पीड़िता के जीवन को प्रभावित करते हैं, बल्कि पूरे समाज पर गहरा और नकारात्मक असर डालते हैं। बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों में नरमी बरतना समाज के लिए घातक होगा।अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में सख्त और उदाहरणात्मक दंड देना आवश्यक है, ताकि समाज में एक स्पष्ट संदेश जाए और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लग सके।









